Sunday, November 23, 2025

SMPS (switch Mode Power Supply) Diagram, Part No1 = Switching Section और Startup Section

 

SMPS Diagrams

SMPS (Switch Mode Power Supply) Function –  

SMPS कंप्युटर मे लगे सारे Device को पावर देने का काम करता है , जैसे मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क, डीवीडी राइटर इत्यादि ।

 

SMPS तीन  मोड पर काम करता है।

1-    सबसे पहले इनपुट से 230 वॉल्ट AC जाएगी और डीसी बनेगी

2-    फिर डीसी से ac होगी

3-    फिर ac से डीसी बनकर SMPS से आउट्पुट होगा ।

 

SMPS को तीन बार स्विच कराया जाता है । जिससे आउट्पुट वोल्टेज प्रॉपर आए , मतलब better regulation  (fix  वोल्टेज करके देना )

 

Main Section Inside the SMPS 

1)    Main Filter and Rectifier Section

2)    Start -up Section

3)    Switching Section / Push pull Section

4)    Control + Driver section

5)    PG (Power Good) Section

6)    Output Section

 

Figure

 

 

 

 

 

पहचान इस सेक्शन मे फ्यूज़ RF (Radio Frequency) coil, B/R (Bridge Rectifier), NTC(Th), MFC (main filter capacitor )पाए जाते है।

 

Work ( काम )- यह 230 वॉल्ट ac को 300 वॉल्ट dc मे कन्वर्ट करके switching section और startup section को देने का काम करता है।

 

Fault ( कमी ) यदि 300 वॉल्ट dc main filter capacitor पर आ रही है तो यह सेक्शन सही है । यदि 300 वॉल्ट dc  नहीं आ रही है तो main filter एण्ड rectifier section मे कुछ खराबी है ।

 

Problem /Solution

Problem 1- Main filter Capacitor पर वोल्टेज नहीं आ रही है।

Solution – इस कन्डिशन मे फ्यूज़ , रेडियो frequency coil और thermister को चेक करे।

 

Problem 2- MFC (main filter capacitor) पर कम वोल्टेज (150 वोल्ट से कम ) आ रही है।

Solution – इस कन्डिशन मे ब्रिज rectifier और main filter capacitor को चेक करना है।

 

Problem 3- Fuse बार बार खराब हो रहा है।

Solution – इस कन्डिशन मे ब्रिज rectifier और MFC (Main Filter Capacitor) को चेक करना है, हो सकता है short हो । इसके अलावा switching transistor भी चेक कर ले हो सकता है शॉर्ट है।

 

Note यदि फ्यूज़ की जगह पर बल्ब (60 या 100 w) लगाकर चेक करे तो-

a) बल्ब जलकर बंद हो जा रहा है इसका मतलब है की main फ़िल्टर सेक्शन तक सही है।

b) बल्ब लगातार जल रहा है तो shorting है । ब्रिज rectifier और main filter capacitor चेक करे।

c) बल्ब बिल्कुल नहीं जल तो फ्यूज़, transistor , RF  component चेक करे।

Tuesday, November 11, 2025

सुनवाई से ठीक एक रात पहले

तलाक की सुनवाई से ठीक एक रात पहले, मैंने अपने पति को बिस्तर पर बुलाया , उसे वो चीज़ दिखाई जिससे उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया। सिर्फ़ 30 मिनट बाद वह मेरे सामने घुटनों पर गिरकर वापस आने की भीख माँग रहा था लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।



मेरा नाम अनन्या मेहता है और यह कहानी है मेरे छह साल के विवाह,मेरे टूटने, मेरे उठ खड़े होने और मेरे “स्वतंत्र” हो चुके पति अर्जुन की सबसे बड़ी हार की।

मेरी और अर्जुन कपूर की शादी कभी सबकी ईर्ष्या थी।वह दिल्ली का एक प्रतिभाशाली आर्किटेक्ट था और मैं इंटीरियर डिज़ाइनिंग की दीवानी।हमारा प्यार कॉलेज के दिनों में शुरू हुआ था।अर्जुन मेरी उँगली पकड़कर कनॉट प्लेस की सड़कों पर घूमता और ऊँची इमारतों की तरफ इशारा करके कहता—

"एक दिन मैं अपना घर खुद डिज़ाइन करूँगा और उसमें जान तुम डालोगी" और उसने ऐसा किया भी।

हमें दक्षिण दिल्ली में एक छोटा पर खूबसूरत घर मिला।वह अक्सर कहता-“तुम बस मुस्कुराती रहना बाकी दुनिया मुझ पर छोड़ दो।” मैंने उस पर यकीन किया।अपना सपना "खुद का ब्रांड खोलने का" दराज़ में बंद कर दिया। सोचा,परिवार सबसे पहले लेकिन समय,वही सबसे बड़ा सच दिखाता है।

अर्जुन बदलने लगा,धीरे,ख़तरनाक तरीके से।रातें देर तक बाहर रहना,अजीब बहाने,ठंडी बातें और एक दिन… उसकी शर्ट पर एक ऐसी खुशबू मिली जो न मेरी थी और ना उसके दफ़्तर वाली किसी महिला की। उसका फोन हमेशा उल्टा रखा होता।



कोई मैसेज आए तो वह बालकनी में जाकर फुसफुसाते हुए बात करता।

एक रात उसका फोन मेज़ पर बजा।मैंने देखने की कोशिश भी नहीं की लेकिन स्क्रीन पर चमका नाम:-“रूही रेडलिप्स” और नीचे सिर्फ़ दो शब्द:-“मिस यू।”

जब मैंने उससे पूछा तो अर्जुन हँस पड़ा।एक ऐसी हँसी जो किसी भी स्त्री का दिल तोड़ देती है। तुम हमेशा ओवरथिंक करती हो। बस एक को-ऑर्डिनेटर है। ऑफिस में मज़ाक में निकनेम रखे हुए हैं।” 

मैंने चाहा कि मैं उस पर भरोसा करूँ लेकिन विश्वास भी टूटता है,एक बार, बस एक बार। वह मुझे “पुरानी”, “बोरिंग”, “गृहिणी वाली” कहने लगा।कहता-“ज़रा आधुनिक बनो, तुम बिल्कुल गाँव की औरत लगती हो।”

मैंने आईने में देखा।थकी हुई आँखें,बिखरे बाल,सादी साड़ी🥱हाँ, मैं बदल गई थी लेकिन उसके लिए, उसके घर,उसके सुख के लिए और फिर एक शाम,जब मैंने उसकी पसंदीदा राजस्थानी दाल बाटी बनाकर मेज़ पर रखी तो अर्जुन ने चम्मच नीचे रख दिया और ठंडी आवाज़ में बोला:- “मैं तलाक चाहता हूँ।”

मेरे हाथ काँप गए लेकिन मैंने आँसू नहीं बहाए🥱

उसने झुँझलाकर कहा:-“हम अब एक दूसरे के लिए नहीं बने हैं। मुझे आज़ादी चाहिए,वही आज़ादी जिसके लिए वह “रूही” के पास जाना चाहता था।

वह घर छोड़कर चला गया और उसी रात मैंने निर्णय कर लिया मैं रोकर अपने चेहरे पर दया नहीं पेंट करूँगी,मैं अपना साम्राज्य खड़ा करूँगी।

अर्जुन सोचता रहा कि मैं टूटी हुई,उदास,घर में सिमटी औरत हूं😎उसे क्या पता था—जब वह “क्लाइंट मीटिंग” के नाम पर डेट्स पर जा रहा था,मैं दिल्ली के सबसे बड़े फर्नीचर हब, किरीड़ी नगर,में सप्लायर्स से मिल रही थी। जब वह देर रात “ओवरटाइम” कर रहा था,मैं ऑनलाइन एमबीए का कोर्स कर रही थी। जब वह मुझे कहता कि मैं “कुछ नहीं कर सकती”—

मैं करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर रही थी💪

छह महीने तक मैंने दिन रात खून पसीना लगाया और खड़ा किया—A.M. Interiors — Ananya Mehta Interiors Pvt Ltd.(मेरे नाम का पहला अक्षर,मेरी पहचान)

मैंने अपना ऑफिस लिया, टीम बनाई, प्रोजेक्ट्स जीते,यहाँ तक कि एक इंटरनेशनल होम-डेकोर ब्रांड से भी कॉन्ट्रैक्ट कर लिया।

और अर्जुन?

उसे लगा कि मैं अभी भी वही “सिंपल गृहिणी” हूं,तलाक से एक रात पहले,घर बिल्कुल ख़ामोश था। मैं नीचे आई और कहा:-अर्जुन,ऊपर चलो,मुझे कुछ दिखाना है।

वह थका हुआ और चिढ़ा हुआ बोला:-ड्रामा मत करो,अनन्या, सुबह कोर्ट जाना है लेकिन फिर भी मेरे पीछे आ गया।

मैंने लाइट धीमी की,लैपटॉप को टीवी स्क्रीन से जोड़ा और प्ले किया…

एक शानदार, प्रोफेशनल विज्ञापन।

लक्ज़री फ़्लैट्स,खूबसूरत इंटीरियर,परफेक्ट लाइटिंग,उत्तम प्लानिंग…

अर्जुन धीरे धीरे स्क्रीन के पास झुक गया। फिर उसके चेहरे पर हैरानी फैलने लगी🥱

विज्ञापन खत्म हुआ और उसके बाद स्क्रीन पर आया—A.M. Interiors – Designed by Ananya Mehta (Founder & CEO)और फिर मेरे ही फुटेज:

मैं टीम को निर्देश दे रही थी,मीटिंग्स ले रही थी,ब्लूप्रिंट्स approve कर रही थी।एक आत्मविश्वासी,स्टाइलिश,सफल महिला।

अर्जुन के मुँह से आवाज़ ही नहीं निकली🥱

आखिर उसने काँपते स्वर में पूछा:-“ये… सब तुम्हारा है?”

मैंने शांत हँसी के साथ कहा:- हाँ,अर्जुन,छह महीने तुम्हारी ‘आज़ादी’ के छह महीने…मैंने अपनी दुनिया बना ली।” और फिर आख़िरी वार—

रूही जिस कंपनी में इंटरव्यू दे रही है?

वही कंपनी है जिसे मैंने अभी अभी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हराकर हरा दिया।”

अर्जुन के चेहरे से रंग उड़ गया🥱वह मुझे घूरता रहा, जैसे मुझे पहली बार देख रहा हो।

फिर…

वह मेरे सामने घुटनों पर बैठ गया,बोला:-अनन्या,मैं गलत था।

कृपया हमें एक मौका दो। मैं तुम्हें खो नहीं सकता,मैंने उसका चेहरा देखा। पहली बार वह सच में टूटा हुआ दिख रहा था लेकिन मेरा दिल शांत था, बिना किसी आँसू के।

मैंने उसके हाथ हटाए और धीरे से कहा:-अर्जुन,तुमने आज़ादी माँगी थी,अब… उसे जिओ।

अगली सुबह,मैंने ताज होटल के सामने स्थित दिल्ली फ़ैमिली कोर्ट से एक मुस्कान के साथ बाहर कदम रखा। काग़ज़ों पर सिर्फ़ एक हस्ताक्षर था लेकिन मेरे भीतर एक पूरी दुनिया खुल चुकी थी।

पीछे,अर्जुन खड़ा था,आँखों में पछतावा,हाथों में खालीपन। मैंने एक बार भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

नया सूरज,नई हवा,नई अनन्या।

मैं अब सिर्फ़ उसकी “गृहिणी” नहीं थी।मैं थी—CEO. Founder.और सबसे बड़ी बात,आज़ाद💪

कभी कभी,स्त्रियाँ बदला नहीं लेतीं।वे बस और बेहतर बन जाती हैं और वही—सबसे कीमती जवाब होता है

उस समय इतनी समझ भी नही थी

 गाँव में कॉलेज नही था इस कारण पढ़ने के लिए मै शहर आया था । यह किसी रिश्तेदार का एक कमरे का मकान था।



बिना किराए का था।


आस-पास सब गरीब लोगो के घर थे।


और में अकेला था सब काम मुजे खुद ही करने पड़ते थे। खाना-बनाना, कपड़े धोना, घर की साफ़-सफाई करना।


कुछ दिन बाद एक गरीब लडकी अपने छोटे भाई के साथ मेरे घर पर आई।



आते ही सवाल किया:-" तुम मेरे भाई को ट्यूशन करा सकते हो क्या ?"


मेंने कुछ देर सोचा फीर कहा "नही"


उसने कहा "क्यूँ?


मेने कहा "टाइम नही है। मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब होगी।"


उसने कहा "बदले में मैं तुम्हारा खाना बना दूँगी।"


शायद उसे पता था की में खाना खुद पकाता हुँ


मैंने कोई जवाब नही दिया तो वह और लालच दे कर बोली:-बर्तन भी साफ़ कर दूंगी।"


अब मुझे भी लालच आ ही गया: मेने कहा-"कपड़े भी धो दो तो पढ़ा दूँगा।"


वो मान गई।


इस तरह से उसका रोज घर में आना-जाना होने लगा।


वो काम करती रहती और मैं उसके भाई को पढ़ा रहा होता। ज्यादा बात नही होती। उसका भाई 8वीं कक्षा में था। खूब होशियार था। इस कारण ज्यादा माथा-पच्ची नही करनी पड़ती थी। कभी-कभी वह घर की सफाई भी कर दिया करती थी।


दिन गुजरने लगे। एक रोज शाम को वो मेरे घर आई तो उसके हाथ में एक बड़ी सी कुल्फी थी।


मुझे दी तो मैंने पूछ लिया:-" कहाँ से लाई हो'?


उसने कहा "घर से।


आज बरसात हो गई तो कुल्फियां नही बिकी।"


इतना कह कर वह उदास हो गई।


मैंने फिर कहा:-" मग़र तुम्हारे पापा तो समोसे-कचोरी का ठेला लगाते हैं?


उसने कहा- वो:-" सर्दियों में समोसे-कचोरी और गर्मियों में कुल्फी।"


और:- आज"बरसात हो गई तो कुल्फी नही बिकी मतलब " ठण्ड के कारण लोग कुल्फी नही खाते।"


"ओह" मैंने गहरी साँस छोड़ी।


मैंने आज उसे गौर से देखा था। गम्भीर मुद्रा में वो उम्र से बडी लगी। समझदार भी, मासूम भी।


धीरे-धीरे वक़्त गुजरने लगा।


मैं कभी-कभार उसके घर भी जाने लगा। विशेषतौर पर किसी त्यौहार या उत्सव पर। कई बार उससे नजरें मिलती तो मिली ही रह जाती। पता नही क्यूँ?


एसे ही समय बीतता गया इस बीस


कुछ बातें मैंने उसकी भी जानली। की वो ; बूंदी बाँधने का काम करती है। बूंदी मतलब किसी ओढ़नी या चुनरी पर धागे से गोल-गोल बिंदु बनाना। बिंदु बनाने के बाद चुनरी की रंगाई करने पर डिजाइन तैयार हो जाती है।


मैंने बूंदी बाँधने का काम करते उसे बहुत बार देखा था।


एक दिन मेंने उसे पूछ लिया:-" ये काम तुम क्यूँ करती हो?"


वह बोली:-"पैसे मिलते हैं।"


"क्या करोगी पैसों का?"


"इकठ्ठे करती हूँ।"


"कितने हो गए?"


"यही कोई छः-सात हजार।"


"मुझे हजार रुपये उधार चाहिए।


जल्दी लौटा दूंगा।" मैंने मांग लिए।


उसने सवाल किया:-"किस लिए चाहिए?"


"कारण पूछोगी तो रहने दो।" मैंने मायूसी के साथ कहा।


वो बोली अरे मेंने तो "ऐसे ही पूछ लिया। तू माँगे तो सारे दे दूँ।" उसकी ये आवाज़ अलग सी जान पड़ी। मग़र मैं उस वक़्त कुछ समझ नही पाया। पैसे मिल रहे थे उन्ही में खोकर रह गया। एक दोस्त से उदार लिए थे । कमबख्त दो -तीन बार माँग चूका था।


एक रोज मेरी जेब में गुलाब की टूटी पंखुड़ियाँ निकली। मग़र तब भी मैं यही सोच कर रह गया कि कॉलेज के किसी दोस्त ने चुपके से डाल दी होगी।


उस समय इतनी समझ भी नही थी।


एक दिन कॉलेज की मेरी एक दोस्त मेरे घर आई कुछ नोट्स लेने। मैंने दे दिए।


और वो मेरे घर के बाहर खडी थी और मेरी दोस्त को देखकर बाहर से ही तुरंत वापिस घर चली गई।


और फ़िर दूसरे दिन दो पहर में ही आ धमकी।


आते ही कहा:-" मैं कल से तुम्हारा कोई काम नही करूंगी।"


मैने कहा "क्यूँ?


काफी देर तो उसने जवाब नही दिया। फिर धोने के लिए मेरे बिखरे कपड़े समेटने लगी।


मैने कहा "कहीं जा रही हो?"


उसने कहा "नही। बस काम नही करूंगी।


और मेरे भाई को भी मत पढ़ाना कल से।"


मैने कहा अरे"तुम्हारे हजार रूपये कल दे दूंगा। कल घर से पैसे आ रहे हैं।" मुझे पैसे को लेकर शंका हुई थी।इस कारण पक्का आश्वासन दे दिया।


उसने कहो "पैसे नही चाहिए मुझे।"


मेने कहा "तो फिर ?"


मैने आँखे उसके चेहरे पर रखी और


उसने एक बार मुझसे नज़र मिलाई तो लगा हजारों प्रश्न है उसकी आँखों में। मग़र मेरी समझ से बाहर थे।


उसने कोई जवाब नही दिया।


मेरे कपड़े लेकर चली गई।


अपने घर से ही धोकर लाया करती थी।


दूसरे दिन वह नही आई।


न उसका भाई आया।


मैंने जैसे-तैसे खाना बनाया। फिर खाकर कॉलेज चला गया। दोपहर को आया तो सीधा उसके घर चला गया। यह सोचकर की कारण तो जानू काम नही करने का।


उसके घर पहुंचा तो पता चला की वो बीमार है।


एक छप्पर में चारपाई पर लेटी थी अकेली। घर में उसकी मम्मी थी जो काम में लगी थी।


मैं उसके पास पहुंचा तो उसने मुँह फेर लिया करवट लेकर।


मैंने पूछा:-" दवाई ली क्या?"


"नही।" छोटा सा जवाब दिया बिना मेरी तरफ देखे।


मैने कहा "क्यों नही ली?


उसने कहा "मेरी मर्ज़ी। तुझे क्या?


"मुझसे नाराज़ क्यूँ हो ये तो बतादो।"


"तुम सब समझते जवाब दिया बिना मेरी तरफ देखे।


मैने कहा "क्यों नही ली?


उसने कहा "मेरी मर्ज़ी। तुझे क्या?


"मुझसे नाराज़ क्यूँ हो ये तो बतादो।"


"तुम सब समझते हो, फिर मैं क्यूँ बताऊँ।"


"कुछ नही पता। तुम्हारी कसम। सुबह से परेसान हूँ। बता दो।"


" नही बताउंगी। जाओ यहाँ से।" इस बार आवाज़ रोने की थी।


मुझे जरा घबराहट सी हुई। डरते-डरते उसके हाथ को छूकर देखा तो मैं उछल कर रह गया। बहुत गर्म था।


मैंने उसकी मम्मी को पास बुलाकर बताया।


फिर हम दोनों उसे हॉस्पिटल ले गए।


डॉक्टर ने दवा दी और एडमिट कर लिया।


कुछ जाँच वगेरह होनी थी।


क्यूंकि शहर में एक दो डेंगू के मामले आ चुके थे।


मुझे अब चिंता सी होने लगी थी।


उसकी माँ घर चली गई। उसके पापा को बुलाने।


मैं उसके पास अकेला था।


बुखार जरा कम हो गया था। वह गुमसुम सी लेटी थी। दीवार को घुर रही थी एकटक!!


मैंने उसके चैहरे को सहलाया तो उसकी आँखों में आँसू आ गए और मेरे भी।


मैंने भरे गले से पूछा:- "बताओगी नही?"


उसने आँखों में आँसू लिए मुस्कराकर कहा:-" अब बताने की जरूरत नही है। पता चल गया है कि तुझे मेरी परवाह है। है ना?"


मेरे होठों से अपने आप ही एक अल्फ़ाज़ निकला:-


" बहुत।"


उसने कहा "बस! अब में मर भी जाऊँ तो कोई गिला नही।" उसने मेरे हाथ को कस कर दबाते हुए कहा।


उसके इस वाक्य का कोई जवाब मेरे लबों से नही निकला। मग़र आँखे थी जो जवाब को संभाल न सकी। बरस पड़ी।


वह उठ कर बैठ गई और बोली रोता क्यूँ है पागल? मैने जिस दिन पहली बार तेरे लिए रोटी बनाई थी उसी दिन से चाहती हूँ तुझे। एक तू था पागल । कुछ समझने में इतना वक़्त ले गया।"


फिर उसने अपने साथ मेरे आँसू भी पोछे।


फीर थोडी देर बाद उसके घर वाले आ गए।


रात हो गई थी। उसकी हालत में कोई सुधार नही हुआ।


फिर देर रात तक उसकी बीमारी की रिपोर्ट आ गई।


बताया गया की उसे डेंगू है।


और ए जान कर आग सी लग गई मेरे सीने में।


खून की कमी हो गई थी उसे। पर खुदा का शुक्र है की मेरा खून मैच हो गया ब


था उसका भी। दो बोतल खून दिया मैंने तो जरा शकून सा मिला दिल को।


उस रात वह अचेत सी रही।


बार-बार अचेत अवस्था में उल्टियाँ कर देती थी।


मैं एक मिनिट भी नही सोया उस रात।


डॉक्टरों ने दूसरे दिन बताया कि रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो रही है। खून और देना होगा। डेंगू का वायरस खून का थक्का बनाने वाली प्लेटलेट्स पर हमला करता हैं । अगर प्लेटलेट्स खत्म तो पुरे शरीर के अंदरुनी अंगों से ख़ून का रिसाव शुरू हो जाता है। फिर बचने का कोई चांस नही।


मैंने अपना और खून देने का आग्रह किया मग़र रात को दिया था इस कारण डोक्टर ने मना कर दिया ।


फीर मैंने मेरे कॉलेज के दो चार दोस्तों को बुलाया। दस एक साथ आ गए। खून दिया। हिम्मत बंधाई। पैसों की जरूरत हो तो देने का आश्वासन दिया और चले गए। उस वक़्त पता चला दोस्त होना भी कितना जरूरी है। पैसों की कमी नही थी। घर से आ गए थे।


दूसरे दिन की रात को वो कुछ ठीक दिखी। बातें भी करने लगी।


रात को सब सोए थे। मैं उसके पास बैठा जाग रहा था।


उसने मुझे कहा:- " पागल बीमार मैं हूँ तू नही। फिर ऐसी हालत क्यों बनाली है तुमने?"


मैंने कहा:-" तू ठीक हो जा। मैं तो नहाते ही ठीक हो जाऊंगा।"


उसने उदास होकर पूछा ।:-" एक बात बता?"


मैने कहा"क्यां?"


उसने कहा "मैंने एक दिन तुम्हारी जेब में गुलाब डाला था तुझे मिला?


मैने कहा "सिर्फ पंखुड़ियाँ मिली थी "हाँ"


उसने कहा "कुछ समझे थे?"


"नही।"


"क्यूँ?"


"सोचा था कॉलेज के किसी दोस्त की मज़ाक है।"


"और वो रोटियाँ?"


"कौनसी?"


"दिल के आकार वाली।"


"अब समझ में आ रहा है।"


"बुद्दू हो"


"हाँ"


फिर वह हँसी। काफी देर तक। निश्छल मासूम हंसी।


"कल सोए थे क्या?"


"नही।"


"अब सो जाओ। मैं ठीक हूँ मुझे कुछ न होगा।"


सचमुच नींद आ रही थीं।


मग़र मैं सोया नही।


मग़र वह सो गई।


फिर घंटेभर बाद वापस जाग गई।


मैं ऊंघ रहा था।


"सुनो।"


"हाँ।मैं नींद में ही बोला।


"ये बताओ ये बीमारी छूने से किसी को लग सकती है क्या?"


"नही, सिर्फ एडीज मच्छर के काटने से लगती है।"


"इधर आओ।"


मैं उसके करीब आ गया।


"एक बार गले लग जाओ। अगर मर गई तो ये आरज़ू बाकी न रह जाए।"


"ऐसा ना कहो प्लीज।" मैं इतना ही कह पाया।


फिर वो मुझसे काफी देर तक लिपटी रही और सो गई।


फिर उसे ढंग से लिटाकर मैं भी एक खाली बेड पर सो गया।


मग़र सुबह मैं तो उठ गया। और वो नही उठी। सदा के लिए सो गई। मैंने उसे जगाने की बहुत कोशिश की थी।पर आँखे न खोली उसने।वो इस सँसार को मुझे छोडकर इस दुनिया से जा चुकी थी। मुझे रोता बिलखता छोड़कर।


क्यों लगाए जाते हैं फलों पर स्टिकर?



फल खरीदते समय अक्सर आपने देखा होआ कि उस पर छोटे छोटे कोड वाले स्टिकर चिपके होते हैं। बता दें, फलों पर लगाए जाने वाले ये छोटे स्टिकर केवल ब्रांडिंग या सजावट के लिए नहीं होते है। इन स्टिकरों पर एक विशेष कोड अंकित होता है, जिसे पीएलयू कोड (PLU Code) कहा जाता है। ये कोड ग्राहक को फल को उगाए जाने के तरीके के बारे में बताते हैं, जिसका सीधा संबंध आपकी सेहत से है। इन कोड से आप फलों की गुणवत्ता कैसी है इसकी पहचान कर सकते हैं। बेहतरीन गुणवत्ता वाले फलों का सेवन करने से सेहत भी अच्छी होती है। तो चलिए जानते हैं क्या है फलों पर लगे कोड का मतलब?


क्यों लगाए जाते हैं फलों पर स्टिकर?

फलों पर स्टिकर (fruit barcode number) लगाने के पीछे एक खास मकसद होता है। दरअसल, ये स्टिकर यह बताने के लिए लगाया जाता है कि फल कहां उगाया गया है, इसे उगाने के लिए कौन-सा तरीका अपनाया गया है। साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि फल की क्वालिटी क्या है और इसकी कीमत क्या है। ये स्टिकर पीएलयू कोड (Price look-up code) होते हैं, जो फलों की गुणवत्ता बताते हैं। इन पर एक खास नंबर लिखा होता है, जिनके अलग-अलग मतलब होते हैं। 

स्टिकर पर लिखे नंबर का क्या मतलब है? 

ये तो हुई स्टिकर की बात, अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन स्टिकर पर लिखे नंबरों का मतलब क्या होता है। जैसाकि ऊपर बताया स्टिकर पर लिखे नंबरों का अलग-अलग मतलब होता। आइए जानते हैं इन अलग-अलग नंबरों के स्टिकर का मतलब-



  • 5 अंकों 9 से शुरू: अगर फलों पर लगे स्टिकर पर 5 अंकों की संख्या है और यह '9' से शुरू हो रही है, तो इसका मतलब है कि यह फल पूरी तरह से ऑर्गैनिक है। इसे बिना किसी रासायनिक कीटनाशक, उर्वरक या आनुवांशिक बदलाव के प्राकृतिक तरीके से उगाया गया है।

  • 4 अंक: अगर, स्टिकर पर केवल 4 अंकों की संख्या है, तो इसका मतलब है कि फल में कीटनाशक और रसायनों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे फल अक्सर सस्ते होते हैं, लेकिन रसायनों से पकाए जाने की वजह से सेहत के लिए कम फायदेमंद होते हैं। 

फल खरीदते समय बरतें ये सावधानी: 

अब, जबकि आपको फलों पर लगे इस कोड की जानकारी हो गई है तो आप उसे खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें। जहां तक हो 5सके  अंकों की '9' से शुरू होने वाले ऑर्गेनिक फलों को ही खरीदें। खरीदे हुए फल चाहे ऑर्गेनिक हो या रासयनिक, खाने से पहले उसे अच्छी तरह से धोना बेहद ज़रूरी है ताकि उसकी सतह पर मौजूद बैक्टीरिया को हटाया जा सके। साथ ही मौसमी फलों को ही खरीदने का प्रयास करें क्योंकि वे ताज़े होते हैं।


ऐसे स्टिकर वाले फल होते हैं फायदेमंद

अब सवाल यह उठता है कि क्या कोई ऐसा स्टिकर भी है, जो यह बताता हो कि फल पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से उगाया गया है और सेहत के लिए बेस्ट है। दरअसल, एक स्टिकर ऐसा भी होता है। जिन स्टिकर पर 5 डिजिट वाले नंंबर होते हैं, जिनकी शुरुआत 9 से हो रही हो, जैसे कि 93435 या 95365, तो इसका मतलब है कि इन फलों को बिना केमिकल और कीटनाशक के ऑर्गेनिकली उगाया गया है। 

Laptop Repair Part 11, Laptop Problem & Solution

 

Laptop Problem & Solution



(1) Laptop Total Dead – No light Glow charging and Laptop Power Light

Solution- In this condition check voltage at battery charger connector. It charging voltage is available but laptop does not ON. Its means ON/Off switch, Super IO, ICH problem

 

(2) Laptop Work Only Adapter –

Solution - In this condition check battery, its may be week (faulty). And confirm battery connect new. If battery ok thenbattery circuit’ problem and check battery charging voltage at battery contact.

If voltage not present it means battery charging circuit problem. Check battery Fuse, MOSFET and charging IC.

If voltage present it means battery problem then replace the battery and repair it.

 

(3) Laptop Work ON only Battery –

Solution - In this condition check volt in circuit, main fuse charging jack, MOSFET and PWM IC.

 

 

(4) Laptop Work ON only Battery –

Solution – In this condition RAM, Graphic Card (Chip), North bridge, VRM circuit and also Bios

Step 1 – Check RAM supply voltage on RAM slot and RAM NPC capacitor. If No voltage present check RAM section, MOSFET and PWM IC.

Step 2 – If RAM section ok then check graphic chip voltage and NPC capacitor near graphic chip.

Step 3 – If graphic ok but graphic chip heat more, Its means graphic chip problem. Then reball and replace IC

Step 4 – If graphic IC and RAM supply ok then check GMCH supply on north Bridge in NPC capacitor. It No voltage present then check chip set section.

Step 5 – this problem is come to VRM section. Processor heat then VRM section is OK. It problem then check VRM circuit voltage and MOSFET, Coil, capacitor.

Step 6 – If above section is Ok but same condition than check ROM Bios supply voltage 3.3v. If supply ok then flash or reprogram.

 

(5) Laptop Indicate Battery Charging and Adaptor light also indicate but after press ON/OFF button laptop not ON.

Solution – In this condition check ON/OFF switch voltage. It should be MOSFET less than 3.3v but laptop does not ON. Check switch it may be faulty. If no voltage present than check super IO supply and also ICH chip supply and helping component. If above is ok but same condition then reprogramming Bios.

 

(6) As soon as laptop ON and all LED glow and just OFF laptop also OFF

Solution – In this condition check primary MOSFET of voltage in circuit VRM circuit, RAM Circuit and Chipset and Stand by voltage.

 

(7) Laptop ON and Hard Disk Light Does not blink

Solution -   In this condition first fault confirm the display present or not. Check hard disk supply and also hard disk data track to ICH. It may be also hard disk faulty.

If no display present – In this condition check VRM section, RAM section, Graphic chip, GMCH and also BIOS.

 

(8) Laptop On but After Some Time –

Solution – This condition mostly overheating and thermal problem.

First clean the heatsink and place new cooling paste. After it some condition than check GMCH, ICH and any one IC by putting the finger. If anyone chip or IC more heat than check near component and IC.

 

(9) Laptop ON but company logo hang, Not any respond –

Solution – In this condition to replace and Flash the BIOS

 

(10)                                                                                          

Laptop does not going to Bios when press Bios key –

Solution – In this condition to replace and flash Bios

 

(11)                                                                                          

In Bios setup hanging the laptop some time work and sometime not work –

Solution – First of all remove the CMOS battery and check condition problem some than flash the Bios.

 

(12)                                                                                          

Laptop BIOS does not save any setting while CMOS battery is Ok –

Solution – First of all remove the CMOS battery than again insert but same condition than Bios software (Flashing) problem.

 

(13)                                                                                          

Laptop working of battery mode but after connect charger laptop hang (restart Off) –

Solution – First of all check the laptop another charger but same condition than check only voltage in circuit on motherboard. It may be any NPC, MOSFET faulty.

 

(14)                                                                                          

Total Keyboard not working but connect new keyboard same condition problem –

Solution – Check connector and keyboard  

Laptop Repair Part 12, Total Solutions

 

Very Important

Laptop checking Step ( No Display / Dead )

Step 1 -: Check RTC voltage and Diode ( Total Dead )



 

Step 2 -: Check 19v PWR source of all 19 volt point ( Total Dead )

 

Step 3 -: Check LDO ( 3/5v / Stepdown / always ON section ) 3.3v or ( 3/5 IC, NPC, Coil ), Power SW, Hall SW ( Lid Switch ), battery connector, IO Trigger high / Low , High Logic work ( Total Dead )

 

Step 4 -: Check RSM RST # 3.3v ( Total Dead ), अगर RSM RSTपर 3.3 वोल्ट की supply आ रही है तो Super IO काम कर रहा है। आपको स्टेप 1, 2, 3 चेक करने की जरूरत नहीं है।

Step 5 -: Check BIOS data and programing ( EC BIOS मे ) ( Total Dead ), पुराने लैपटॉप मे EC Bios मिलता है जो power को manage करके Super IO को भेजता था। तब जाकर system ON होता था, लेकिन अब EC BIOS को हटाकर सिर्फ Super IO ही मिलेगा। EC Bios Super के बगल मे ( आस – पास ) होता है ।

 

Step 6 -: Check +3v coil and +5 volt coil voltage ( Display नहीं आने पर )

 

Step 7 -: Check ram Supply एण्ड VTT ( Suson ) [ No Display ]

VTT हमेशा RAM supply का आधा होता है, जैसे RAM DDR3 है यानि 1.5 वोल्ट की है तो VTT सप्लाइ 0.75 वोल्ट होगी। अगर रैम की सप्लाइ आ रही है तो step 6 चेक करने की जरूरत नहीं है।

 

Step 8 -: Check 1.8v (Run On) [No Display]

PCH मे 1.8 वोल्ट की supply जाती है।

 

Step 9 -: check 1.05v (Run On) [No Display]

PCH मे 1.05v की supply जाती है। PCH मे 3.3v, 1.05v, 1.8v, 1.5v की supply जाती है।

 

Step 10 -: Check VCCS 0.95 volt (Run on) [No Display]

 

Step 11 -: Check GCore voltage [No Display]

 

Step 12 -: check CPU GFX 1.5 volt voltage [No Display]

 

Step 13 -: Check PLT RST#

PLT-RST# पुराने wifi slot के पिन नंबर 22 पर 3.3 वोल्ट और नए WiFi मे पिन नंबर 44 पर PLT-RST होता है।

 

Step 14 -: Reprograming PCH BIOS [No Display]

 

Step 15 -: Check RAM Slot

यह रैम स्लॉट के पिन नंबर पर आएगा, अगर DDR3 रैम स्लॉट है तो 30 पिन नंबर पर आएगा।

 

 

 

 

 

Very Important

DC supply Ampere Reading (Without Battery)

 

Current Load (Ampere)

1.400 – 1.000 amp -: {In graphic board, check graphic video card}अगर Graphic (Display) चालू हो जाता है तो load 1.400 – 1.000 तक हो सकता है।

 

0.900 – 0.800 amp -: { Check clock, VRM, CPU, GFX, BIOS check} – अगर 0.900-0.800 ampere तक आता है लेकिन डिस्प्ले नहीं आ रहा है, तो VRM, clock, bios कों check करे।

 

0.700 – 0.500 amp -: { Check RAM, BIOS, CPU} – अगर S5, S4, S3 ok है और 0.500-0.700 तक का ampere आ रहा है, लेकिन display नहीं आ रहा है तो सबसे पहले रैम को चेक करे, फिर Bios  फिर CPU की voltage check करे।

 

0.250 – 0.200 amp -: {S3- state power in complete check S3} – अगर S5, S4 सही है और 0.250 – 0.200 ampere आ रही है, लेकिन display नहीं आ रहा है तो S3 को देखे ।

 

0.190 – 0.150 amp -: { S4 State power formation Ok } – S5 सही है तो trigger On करते ही 0.190 – 0.150 ampere (कुछ आगे पीछे ampere हो सकता है) आ रहा है, लेकिन डिस्प्ले नहीं आ रहा है तो S4 को देखे।

 

0.050 – 0.000 amp -: { S5 State power Ok , no shorting S5 } – Power supply लगाते ही (बिना trigger दबाए) अगर कुछ भी response नहीं करता है तो short है। इसके लिए S5 को देखे । अगर ampere बढ़कर रुक जाती है या फिर 0 (शून्य) पर रुकती है तो S5 सही है , मतलब power section सही है ।

 

 

 

Very Important Checking Point

Motherboard मे checking करते समय multimeter के red probe को Ground पर रखना है और Black probe को सभी coil पर रख कर check करे।

Beep और 001/002 नहीं आनी चाहिए। अगर beep या 001/002 आती है तो coil के उसी सेक्शन मे खराबी (shorting) है। जिस सेक्शन से coil belong करता है।

 

अब हम coil को निकालकर check करेंगे, अगर coil के जिस पॉइंट पर beep या 001/002 आ रहा है तो वह ट्रैक शॉर्ट है । जैसे माना यह coil है । coil निकालने के बाद coil के दो पॉइंट बनती है ।

अगर एक नंबर पॉइंट पर beep या 001/002 आ रहा है तो 1 नंबर पॉइंट ही शॉर्ट है।

आपको 2 नंबर पॉइंट पर नहीं जाना है।

 

जिस जिस coil पर beep नहीं आ रही है तो समझो या section  सही है।