Sunday, November 23, 2025

PC/Computer all part of Motherboard And Motherboard Layout

 

Part of Motherboard

*PS/2 Port (6, 6 pin two part) , Green for mouse, violet for keyboard

PS/2 पोर्ट अब के डेस्कटॉप मदर बोर्ड मे नहीं आती है , पुराने डेस्कटॉप मे माउस और कीबोर्ड का पोर्ट गोल आता है जिसमे हरा वाला माउस के लिए और बैगनी वाला कीबोर्ड के लिए होता था ,लेकिन अब PS/2 पोर्ट की जगह usb पोर्ट आने लगा है ।


 


*USB (Universal Serial Bus) port for any USB device


 

*Com/Serial Port (9 pin) for serial mouse and gamepad

एक सीरियल पोर्ट एक सीरियल संचार इंटरफ़ेस करता है और एक समय में केवल एक बिट स्थानांतरित कर सकता है। ये पोर्ट आमतौर पर कंप्यूटर के पीछे मौजूद होते हैं और मदरबोर्ड का हिस्सा होते हैं।

 


*VGA (Video Graphic Adapter) port (15 pin) for monitor

computer motherboard और computer monitor को एक साथ जोड़ने के लिए दोनों में VGA Port का होना ज़रूरी होता है | जिसे हम VGA male connector कहते है जो हमारे motherboard और monitor के पीछे लगा होता है जिसे हम एक female VGA Cable की मदद से connect करते है CPU को monitor से connect करने के लिए VGA Cable का use किया जाता है।

 


*Parallel/LPT (Line Printer Terminal) port (25 pin) for printer, scanner, plotter

एक Parallel Port एक बाहरी इंटरफ़ेस है जो आमतौर पर 1980 के दशक की शुरुआत से 2000 के दशक तक के पीसी पर पाया जाता है। इसका उपयोग Peripherals devices जैसे प्रिंटर और बाहरी भंडारण उपकरणों (External Storage devices) को जोड़ने के लिए किया गया था। अंततः इसे USB द्वारा Acquired किया गया, जो एक छोटा कनेक्शन और काफी तेज़ डेटा अंतरण दर (Data transfer rate) प्रदान करता है।

 


*Sound port for sound device, like- Mic, Speacker

 


*R.J-45 port (8 pin) (Registered Jack) for networking

RJ 45 जिसका पूरा नाम रजिस्टर जैक  (Registered Jack) यह एक फिजिकल नेटवर्क कनेक्टर हो जो नेटवर्किंग डिवाइस  जैसे की स्विच , ब्रिज , राऊटर , रिपीटर , मॉडेम इत्यादि को नेटवर्क और इंटरनेट से कनेक्ट करने में हेल्प करता है। RJ 45 एक प्रकार का कनेक्टर है जो ईथरनेट नेटवर्किंग में इस्तेमाल किया जाता है।

 


*Game port (15 pin) yellow for stick/gamepad

 

 

MotherBoard layout


1) CPU (Central processing Unit)
-:
Connect Microprocessor

CPU कंप्यूटर के प्रोसेसर है माइक्रोप्रोसेसर को कहते है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक चिप जैसा दिखता है, जिसका कार्य कंप्यूटर के डाटा और निर्देशों को इंफॉर्मेशन में प्रोसेस करना होता है। यह मदरबोर्ड का दिमाग (मुख्य भाग) होता है ।



2) 12v ATX (Advance technology Extend) Power Connector-:
Connect ATX 4 pin connector for only microprocessor

4 पिन ATX कनेक्टर का काम मदरबोर्ड को पावर supply देना होता है ।

 


 
3) PCI Express-: For connect Graphic Card

इस स्लॉट मे यक अलग से वाईफाई कार्ड की तरह ही स्लॉट दिया रहता है , जिसमे आप ग्राफिक कार्ड लगा सकते है । नए वाले मदरबोर्ड मे वाईफाई कार्ड के स्लॉट इतना ही ग्राफिक कार्ड का भी स्लॉट रहता है, लेकिन पुराने वाले मे राम स्लॉट के इतना साइज़ का रहता है ।

 

 


4) South bridge-: Control Hard disk, DVD writer and usb port.

इसका काम इनपुट और आउट्पुट की नियंत्रित करता है ।

 

 


5) North Bridge-: Control Graphic card, Ram and vga port

 

 



6)
Sata (Serial Advance technology Attechment) connect-:
For connect Sata/HDD/DVD drive

 

 


7) PCI (Pheripheral Component Inter Connection) Slot-; For coonect Sound, Lan, Tv Tuner card (टीवी टूनर कार्ड टेलिविज़न सिगनल को कंप्युटर से कनेक्ट करने की अनुमति देता है।

 



 
8) IDE (Intergrated Device Electronic)-Connector (40 Pin):- For PATA IATA/IDE HDD and DVD drive PATA

Pata पुराने समय का हार्ड डिस्क होती है जिसका प्रयोग अब बंद हो चुका है।    

 

 



9) FDD Connector (34 Pin):- Connect floppy disk drive

 

 



10) ATX (Advance Technology Extended) connector (20+4 pin):- Connect SMPS (switch mode power supply )



 
11) RAM Slot:-
For connect RAM

 

 


12) Super I/O :-
It has 128 pin mostly, control P/S, LPT, COM/serial port and FDD port. 

 

 13) Clock IC:- Provide clock to processor, north bridge. It has one crystal near IC 14.318 Mhz.

अगर mother board मैं north और south bridge नहीं होगा तो clock ICभी नहीं होगा।

क्योंकि north और south को मिलाकर PCH वन जाता  है (जिसे plat form controller hub) भी कहते है। PCH मे clock IC inbuild रहती है और CPU भी inbuild रहती है।

 

 14) LAN IC:- Control Lan port. It has crystal 25.000 MHZ

Lan IC हमेशा Lan पोर्ट के पास ही मिलेगा।

 

15) Sound IC :- Control sound port. It has 48 pin.

साउन्ड आईसी हमेशा कॉर्नर पर मिलता है जो 48 पिन का होता है।    

 


16) Bios chip:-
It has 8 and 32 pin . It stores all hardware information and also date and time.

BIOS chip पूरे mother board मैं 8 pin का केवल एक ही moti chip नजर आएगी या फिर 32 pin की भी होती है जो सभी IC से अलग होती है।

 


17) SOC Chip :-
System on a chip इस chip के लगने से बोर्ड काफी छोटा हो जाता है। इस चिप के अंदर CPU, GPU, IO, Memory, Analog input output block इत्यादि समाहित होते है। यह एक ऐसा एकलौता चिप होता है जो अकेले ही किसी भी डिवाइस को डाटा प्रोसेसिंग, सिगनल प्रोसेसिंग, वायरलेस कम्यूनिकेशन जैसे कई कामों को करवाने मे सक्षम बनाता है। SOC चिप मे clock Ic नहीं रहती है।

 


 
18) CMOS Battery-: It has 3v cell . It provide backup to bios for update date and time after computer turn off.

CMOS बैटरी निकाल देने से सिस्टम बिना पावर बटन दबाए ही ऑन हो जाता है। और साथ ही टाइम और डेट भी सेट नहीं होता है।



Memory

Which place of computer store tha data that is called Memory.

It is store binary information. It is store operating system, program and data. There are many type of memory.

 

Two Type of memory

1) Primary Memory ( यह एक चिप होता है )

2) Secondary Memory

 

1) Primary Memory

Which memory is made of IC. IC is black color semiconductor device.

प्राइमरी मेमोरी एक कंप्यूटर सिस्टम का अस्थिर भंडारण तंत्र है। यह रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM), कैश मेमोरी या डेटा बस हो सकती है, लेकिन यह मुख्य रूप से RAM से जुड़ी होती है।

There are two type of Primary Memory

A) RAM (Random Access Memory)

 

B) ROM (Read Only Memory)

 

A) RAM (Random Access Memory)-: Ram is basic memory of computer. It is store data temporarily. It store data until computer is turn off. It computer is turn off the data erase automatically from ram. It is also know as volatile memory. There are mainly two type of Ram.

Ram का काम डिस्प्ले बनाना होता है और स्पीड बढ़ाना होता है। इसी की वजह से डिस्प्ले आता है, अगर आपका रैम खराब है तो डिस्प्ले नहीं आएगा। डिस्प्ले नहीं आने पर रैम को निकालकर साफ करे फिर लगाए अगर डिस्प्ले आ गया तो ठीक नहीं तो रैम को चेंज करे।

              a) SRAM ( Static Random Access Memory )-:  It is store data till the power is switch off. It is not require refresh because transister use each memory cell. It faster the DRAM.

यह प्रोसेसर के अंदर लगा होता है। जब हम कोई भी फाइल खोलते है तो हार्डडिस्क से प्रोसेसर तक जाने के पहले chache memory  के यह जाता है। कुछ microsecond के लिए फिर chache memory , प्रोसेसर को भेजता है तब जाकर प्रोसेसर Ram पर लाइव कहलाता है। यह बिजली बंद होने तक डेटा संग्रहीत करता है। इसे रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ट्रांजिस्टर प्रत्येक मेमोरी सेल का उपयोग करता है। यह DRAM से तेज होता है।

     

              b) DRAM ( Dynamic Random Access Memory )-: It is store data few millisecond. It is require refresh because use transister and capacitor for each memory cell.

यह मेमोरी आपका DDR वाला मेमोरी होता है।

यह कुछ मिलीसेकेंड में डेटा स्टोर करता है। इसे रिफ्रेश करना आवश्यक है क्योंकि प्रत्येक मेमोरी सेल के लिए ट्रांजिस्टर और कैपेसिटर का उपयोग होता है।

RAM Name

No. Of Pin

Voltage

Cut

FSB( Front Side Bus)

SD RAM

168

3.3v

Double

RAM पर pc3/3200 MHz 

DDR 1

184

2.5v

Single

लिखा होता है, जिसे

DDR 2

240

1.8v

Single

FSB कहते है।

DDR 3

240

1.5v

Single

जिससे RAM की

DDR 4

288

1.2v

Single

पहचान होती है

DDR 5

288

1.1v

Single

अगर same mhz की Ram नहीं होगी तो डिस्प्ले नहीं आएगा या फिर एरर मेमोरी बताएगा ।

जब हम कंप्युटर या लैपटॉप को चालू करते है तो धीमा चलता है, फिर हम रिफ्रेश करते है फिर जाकर पीसी या लैपटॉप सही चलता है क्योंकि उन्मे रिफ्रेश करने पर chache file / junk file डिलीट हो जाती है।

 

 

B) ROM (Read Only Memory)-: ROM is a permanent memory which store data parmanent. It is does not loss data when computer is turn off. It also know as non volatile memory.

There are many type of ROM

a) PROM ( Programmable)-: It is not erasable memory. If data write once, It does not erase and reprogramming.This is a old memory.

यह डिलीट करने योग्य मेमोरी नहीं होता है और न ही reprogram करने योग्य।

 

b) EPROM (Erasable)-: It can reprogram any data. It is erase data by ultra violet ray.

इस मेमोरी को डिलीट करने के लिए इसको धो कर धूप मे सुखाना पड़ता है , फिर जाकर इसको reprogram करना पड़ता है। यह भी पुराने समय मे आते थे , जो अब बंद हो चुका है।

 

c) EEPROM ( Electrically)-: This is a new generation memory . It is reprogrammable memory. It is erase data by electrical signal. It is also know as flash memory.

यह नए Ganeration की मेमोरी है। इसको electrically डिलीट करते है। जैसे – हार्ड डिस्क , यसयसडी, पेन ड्राइव मेमोरी आदि  

 

2) Secondary Memory

It is store data on disk , like- Hard disk, Floppy disk, etc

There are Two type of secondary memory

a) Magnetic Memory-: It is use magnetic method to read and write data. Magnetic memory is hard disk, floppy disk, tape drive.

यह डेटा को पढ़ने और लिखने के लिए चुंबकीय विधि का उपयोग करता है। चुंबकीय मेमोरी हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क, टेप ड्राइव है।

b) Optical Memory-: It is use light source to read and write data. Optical memory are CD/DVD drive.3

Other type of Memory

1) Hybrid Memory-: It is type of memory that read and write data, like the RAM and maintain data evenm when system is turned off, like ROM. It is NVRAM and EEPROM.

2) Virtual Memory-: Virtual Memory is type of memory. It is use when you run multiple application such as window explorer, email, coral draw. RAM not be sufficient to run all program. It order to run another program. However this problem can be solved using the virtual memory. Virtual memory copies all not used frequently to the hard disk. It free the space in the RAM to run new program.

वर्चुअल मेमोरी एक प्रकार की मेमोरी है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब आप विंडो एक्सप्लोरर, ईमेल, कोरल ड्रॉ जैसे कई एप्लिकेशन चलाते हैं। RAM सभी प्रोग्राम चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह किसी अन्य प्रोग्राम को चलाने का आदेश देता है। हालाँकि इस समस्या को वर्चुअल मेमोरी का उपयोग करके हल किया जा सकता है। वर्चुअल नेनोरी प्रतिलिपियाँ हार्ड डिस्क पर बार-बार उपयोग नहीं की जाती हैं। यह नए प्रोग्राम को चलाने के लिए रैम में जगह खाली कर देता है।

 आज कल हमारे मेमोरी को बढ़ा सकते है , चाहे वह मोबाईल का हो या लैपटॉप का । इस सभी मे वर्चुअल मेमोरी inbuild रहती है। जिससे आप ROM या c: drive को बढ़ा सकते है। जैसे किसी लैपटॉप का RAM  8 gb है और आप लैपटॉप पर काम कर रहे हो  और आपका सिस्टम स्लो चल रहा है तो आपका c: drive से 4 gb तक RAM बढ़ा सकते है लेकिन आपका RAM 8 gb ही दिखाई देगा लेकिन परफॉरमेंस पहले से बेहतर हो जाएगा।

 

3) Cache Memory:- The cache is smaller, faster memory which store copy of the data form the most frequently used main memory location.

Unit of computer memory measurements

1024 TB (Tera Byte) = 1 PB (Peta Byte)

1024 PB (Peta Byte)=  1 EB (Exa Byte)                          

1024 EB (Exa Byte)  =  1 ZB (Zetta Byte)

1024 ZB (Zetta Byte)= 1 YB (Yotta Byte)

 

1024 YB (Yotta Byte) = 1 BB (Bronto Byte)

1024 BB (Bronto Byte)= 1 GB (Geop Byte)

 

Microprocessor / Processor / Chip

The microprocessor is a chip that accepts data and instruction process it and give to output. It control the computer system. It is mind of computer.

माइक्रो प्रोसेसर / प्रोसेसर को मदरबोर्ड का दिमाग भी कहती है। यह सिस्टम को कंट्रोल करता है।

Processor सिर्फ दो ही कंपनी बनाती है ।

(1) Intel Processor

(2) AMD Processor  

Evolution of Microprocessor: - Intel created the first processor in the year 1971. Name is 4004. The various intel micro processor created between 1971 to 2023.

इंटेल ने पहला प्रोसेसर वर्ष 1971 में बनाया था। इसका नाम 4004 है। 1971 से 2023 के बीच विभिन्न इंटेल माइक्रो प्रोसेसर बनाए गए।

 

Microprocessor Design

Microprocessor is design two type socket and slot

पहले समय के desktop मै socket दिया रहता था जिसे हम processer को increase कर सकते है। साकिट को निकाल कर हम दूसरा प्रोसेसर से आसानी से लगा सकते थे लेकिन अब के कंप्युटर के मदरबोर्ड मे inbuild प्रोसेसर लगा होता है। और लैपटॉप के मदर बोर्ड मे भी inbuild राहत है। जिसे हम निकाल तो सकते है लेकिन इसको लगाने के लिए हमे reballing ( Reballing सुई के नोख के जितना छोटे छोटे गोल बनाए जाते है जो मदरबोर्ड मे बने गोल मे जाकर फिट होता है ) करना पड़ेगा जो बहुत ही जटिल होता है। Reballing करने के लिए हमे मशीन की जरूरत पड़ेगी जो काफी महंगे आते है। रेबलिंग करना आसान भी नहीं है , अगर Reballing का एक भी बाल proper नहीं बनता है तो प्रोसेसर काम नहीं करेगा।

  

Socket name

Number of pins

Support Microprocessor

Socket 1

169

80486 / over drive

Socket 2

238

80486 / Over drive

Socket 3

237

80486 / AMD& over drive

Socket 4

273

60-66Mhz P1

Socket 5

320

75-133 Mhz

Socket 6

235

80486

Socket 7

321

70-200

Socket 8

387

Pentium Pro

Socket PGA 370

370

P3, Celeron

Socket mPGA 478

478

P4

Socket LGA 775

775

Dual Core, Core 2 Duo

Socket LGA 1156, 1155, 1151

11XX

Core i3, i5

Socket LGA 1366, 1288, 2011

1366,1288,2011

Core i7

Socket LGA 1200

 

Intel Core i7, i9, ( 10th, 11th Generation)

Socket 1700

 

11th-14 generation

       

 

AMD Processor

1) Ryzen 3 = upto 4 core

2) Ryen 5 = upto 6 core

3) Ryzen 7 = upto 8 core

4) Ryzen 9 = upto 16 core

5) theadripper = upto 64 core

 

Note- अगर आप कंप्युटर या लैपटॉप लेते है तो आपको चार बातों को ध्यान मे रखना पड़ेगा।

1) Clock Speed-: यह आपको पीसी/लैपटॉप के properties पर जाकर पता कर सकते है। clock speed को Ghz मे नाप जाता है। जैसे - 1.7 Ghz, 2.8Ghz ,आदि । जिस्टन Ghz ज्यादा रहेगा उतना आपका पीसी / लैपटॉप अच्छा चलेगा।

 

2) Core -: a) Logical Processor – यह प्रोसेसर inbuild ( पहले से ) राहत है।

           b) Physical Processor – इस प्रोसेसर को हम लगा सकते है या फिर बढ़ा सकता है।

 

3) Cache Memory-: L1, L2, L3 ( 8mb, 16mb, 32mb )

16mb, 32mb cache memory गेमिंग लैपटॉप मे पाया जाता है। इस मेमोरी को सेटिंग मे चेक करने के लिए Task manager पर जाकर cpu के option पर देख सकते है इसका shortcut key Ctrl + Shift + Esc

 

4) Thread-: 2 thead = one core

2 thread मे 1 कोर( Core) होता है। अगर आपका लैपटॉप dual core है और clock speed 1.8 Ghz है तो इसका मतलब आपका क्लाक स्पीड 3.6 Ghz होगा यानि दिए गए Ghz के दोगुना होगा सिर्फ dual core मे ही।

 

 

Chipset

This Chipset refers to the the main chip on the motherboard, that is north bridge and south bridge.

चिपसेट मदरबोर्ड का मुख्य भाग है , जिसे नॉर्थ ब्रिज और साउथ ब्रिज कहते है।

इस market मे कई chipset आए है,लेकिन कुछ मुख्य chipset के नाम और कंपनी , जो यह बताता है की वह क्या बनाती है।

a) Intel Chipset - यह Motherboard , Micro Processor, Chip और ग्राफिक बनाती है।

b) AMD Chip Set – यह Micro Processor chip और ग्राफिक बनाती है।

c) Via Chipset - यह Chip बनाती है।

d) SIS Chipset - यह केवल Chip बनाती है।

e) NVIDIA – यह Chip और ग्राफिक बनाती है।

f) ARI - यह Chip और ग्राफिक बनाती है।

 

Letest Chipset / Motherboard number

Chipset Number

RAM Type

Support Processor

X79

DDR3

Core i3, i5,i7

H61

DDR3

Core i3, i5

H57

DDR3

Core i3, i5

Asus Rampage iv Gen

DDR4

Core i7

H67

DDR3

Core i3, i5

Z68

DDR3

Core i3, i5

X58 pro

DDR3

Core i7 1st Generation

P55/H55

DDR3

Core i3, i5

 

 

 

 

Jumper Setting On Motherboard

+5v

D-

D+

Gnd

No. Connector

2

4

6

8

10

1

3

5

7

9

+5v

D-

D+

Gnd

No Pin

1) USB Jumper Setting-:

 

 

 

 

 

Jumper First USB का मतलब यह है की डेस्कटॉप मे आप देखे होंगे , एक तो CPUके पीछे USB कनेक्ट करने के लिए USB पोर्ट दिए होते है और आगे भी दिया हुआ होता है।

पीछे दिए हुए यूएसबी पोर्ट मदरबोर्ड मे inbuild रहता है, और front यूएसबी पोर्ट को wire( Jumper) से कनेक्ट करना होता है। इसीलिए किस पिन मे कौन स वायर कनेक्ट होता है वही जानकारी आपको हम बताने वाले है। यूएसबी जम्पर मे 1 और 2 पिन +5 volt की जाएगी जो SMPS के लाल तार को कनेक्ट करने से आएगा। 3 और 4 नंबर वाला पिन डाटा को भेजने के लिए होता है। 5  और 6 पिन डाटा को लेने के लिए होता है। 7 और 8 नंबर पिन ground होता जो काले तार से कनेक्ट होता है। 9 और 10 पिन खाली राहत है। मदर बोर्ड मे जहा पर F USB लिखा मिले तो समझ जाइये वही फ्रन्ट यूएसबी कनेक्टर है।

नोट- यूएसबी 3.0 वाले यूएसबी पोर्ट मे दो डाटा को भेजता है दो डाटा के लेता है। इसी की वजह 3.0 यूएसबी पोर्ट मे डाटा बहुत ही तेजी से ट्रांसफर होता है।

 

Gnd

Presence

Sence1- Ret

No Pin

Sence2- Ret

2

4

6

8

10

1

3

5

7

9

Port 1 L

Port 1 R

Port 2R

Sence send

Port 2L

2) Audio Jumper-:

  

 

 

 

 

जहा कही मदरबोर्ड मे F-Audio लिखा मिले तो वह फ्रन्ट audio जम्पर होगा। यह ज्यादातर  MB के कोने पर ही मिलता है। इसमे 8वा पिन नहीं होता है।

 

Power LED

 

On/OFF Button

 

No Connect

2

4

6

8

.

1

3

5

7

9

HDD LED

 

Restart/Reset

 

No Connect

3) Front Pannel Jumper-:

 

 

 

 


·       पिन 1 और 3 हार्डडिस्क की लाइट के लिए कनेक्ट होगा।

·       पिन 2 और 4 पावर लाइट है जो की cpu के आगे मे जलती है।

·       पिन 5 और 7 रिस्टार्ट और रीसेट के लिए

·       पिन 6 और 8 ऑन/ऑफ बटन के लिए होता है, अगर यह कनेक्ट नहो होगा तो सिस्टम आप ऑन/ऑफ नहीं कर सकते है

·       पिन 9 और 10 खाली  

जहा कही F- pannel लिखा मिले तो समझ जाइये वह FPJ ( फ्रन्ट पैनल जम्पर ) का होगा। जिसमे आपका पावर कनेक्टर, हार्डडिस्क (HDD) कनेक्टर , पावर CMOS battery, Reset , Power LED, HDD LED राहत है और मदरबोर्ड मे cmos battery beep connect ( जैसे कनेक्टर भी रहती है अगर आप इसको नहीं लगाते है हो तो कोई प्रॉब्लेम नहीं होगी)

 

 

4) CMOS/BIOS Configuration-: पुराने MB मै आपको 3 पिन देखने को मिलेगा।

1 - 2

Normal

Normal

2 – 3

Configuration

Clear

           Jumper            Bios Configuration

               Pin      or     

1   2    3

और नए MB मे 2 पिन ही देखने को मिलेगा।                               pin

                                                1   2

No jumper Normal (अगर Jumper नहीं लगाते है तो)

अगर Jumper लगाते है तो Cmos/Bios Setting Clear/Reset हो जाती है।

या फिर Bios या Cmos [JV1] Setting Defaut करने के लिए Jumper लगाए या फिर Cmos Battery को 2 मिनट के लिए निकाल दे और फिर लगा दे ।

कभी कोई व्यक्ति आपको Desktop के Bios Setting मै कुछ छेड़खानी कर देता है या Enable को Disable / Disable को Enable कर देता है तो इस िस्थति मै हम Jumper या Cmos Battery को 2 मिनट के निकाल देते है ताकि जो भी Setting की छेड़खानी हुई हो वो Default हो जाए।

DIAGNOSTIC CARD





इसका काम Mother Board के किस जगह फॉल्ट है यह बताना होता है। जो एक कोड द्वारा  हमे यह बताता है की किस जगह Fault है।

Diagastic Card एक Chip होता है जो Mother Board पर लगाया जाता है और Card एक Code Generate करता है जो हमे यह बताता की इस जगह fault है इसका code 2 या 4 अंकों का होता है।  

और फॉल्ट का अलग- 2 Code होता है जो हमे याद करना होगा। जो हम आपको आगे बताएंगे।

अगर आपका Display नहीं आ रहा है Num /Cap बटन को Press करने पर Num Button leb/cap button led जल रही हो तो समझ जाएय आपका VGA Cable या Display खराब है।

आगर VGA Cable Change करने पर भी डिस्प्ले नहीं आ रहा तो Display खराब है।

 

MOSTLY HARDWARE PROBLEM

RAM Issue Problem

Symptoms:- (लछण)

(1)  Computer start but No display / no signal / sleep mode

(2) Computer starting 3 beeps (कभी -2 जब Mother Board मै दिए गए Beep Point

Connect रहता है तो तब बीप करता है (यह Beep RAM Issue को दर्शाता है।

3) Blue screen dump (ऐसी स्थिति मे विंडो corrupt /driver fail/ any application की वजह से blue dump screen का Problem आता है।

4) Scratch type Display ( 100% RAM issue and RAM clean at eraser )

यदि डिस्प्ले पर स्क्रैच आता है तो 100% रैम का ही समस्या होगा, आप रैम को रबड़ से साफ करके लगाए।

5) Computer Suddenly Hang ( यह समस्या बहुत कम आता है।

 

Solution ( समाधान )-: 1) First remove RAM from slot, Clean RAM pins by eraser and clean slot , Then insert and check.

सबसे पहले हमे रैम को स्लॉट से निकाल लेना है। फिर रैम के पिन को रबड़ से साफ करे और लगाकर चेक करे

2) Same problem, Then insert new RAM if display come, Then replace RAM.

अगर तब भी डिस्प्ले नहीं आ रहा है तो नया रैम लगाए, यदि डिस्प्ले आ गया तो नया रैम ही लगा रहने दे।

3) Same problem after insert new RAM, Then remove motherboard from cpu, clean by IP( Thiner) then check.

यदि नया रैम लगने पर भी डिस्प्ले नहीं आ रहा है तो मदरबोर्ड को cpu से निकाल कर आईपी ( थिनर ) से साफ करे और फिर चेक करे।

4) Same problem , Its means motherboaerd issue  problem repair motherboard.

यदि रैम को बदलने पर , आईपी से साफ करने से भी डिस्प्ले नहीं आ रह है तो इसका मतलब मदरबोर्ड मे को दिक्कत है। मदरबोर्ड को रिपेर करना पड़ेगा।

 

 

DVD Writer Issue Problem

Symptoms-: Not show icon of DVD writer in my computer

यदि डीवीडी राइटर का आइकान my computer पर नहीं दिखाए दे रहा हो तो

 

Solution-: 1) Check in bios, It may be disable

Bios की सेटिंग को चेक करे, हो सकता हैडीवीडी राइटर को disable (बंद) किया हुआ हो।

2) Check in device manager, It may be disable.

डिवाइस मैनेजर को भी चेक करे हों सकता है डिवाइस मैनेजर सेटिंग मे डीवीडी राइटर डिसैबल हो।

3) Open CPU reconnect dvd drive power and data cable then check.

Cpu को खोले और डीवीडी ड्राइव के पावर और डाटा केबल को निकाल कर फिर से लगाए और चेक करे

4) If Same problem, Change data and power cable but same problem then replace DVD writer.

यदि वही प्रॉब्लेम आती है तो डाटा और पावर केबल को बदले। बदलने पर भी नहीं आता है तो डीवीडी राइटर को ही बदलना पड़ेगा।

 

 

Harddisk Issue Problem

Symptoms 1-: In booting time show massage …..

            ‘Disk boot failure, Please insert proper device.’’

            Or ‘Input Disk Failure’’

            Or ‘No harddisk found’’

            Or Disk error (कभी कभी bios से हार्ड डिस्क disable या non हो जाती है तो ऐसे डिस्क एरर आता है। इसके लिए बाईओस मे जाकर enable करना पड़ेगा नहीं तो विंडो इंस्टॉल नहीं होगा।

यदि हार्डडिस्क को निकाल कर किसी दूसरे सिस्टम मे लगाते है और सिस्टम हैंग होने लगती है तो समझिए हार्डडिस्क ही खराब है।

 

Solution-:a) If any hardisk not detect. Check hard disk enable and disable in Bios also check window install/ not install

यदि कोई भी हार्डडिस्क नहीं पकड़ रही हो तो सबसे पहले हम बाईओस मे जाकर enable और disable की जाँच करेंगे और यदि disable है तो उसको enable करेंगे और फिर चेक करेंगे विंडो इंस्टॉल हो रहा की नहीं।

 

b) Check hard disk data cable and power cable

यदि विडो इंस्टॉल नहीं होता है तो हार्डडिस्क के डाटा केबल और पावर केबल को चेक करे।

c) Change data cable and power cable

यदि पावर केबल और डाटा केबल को चेक करने के बाद विंडो इंस्टॉल नहीं हो रहा है तो डाटा केबल और पावर केबल को बदले। बदलने पर भी नहीं हो रहा है तो हार्डडिस्क को ही बदल दे

 

Note-: यदि हार्डडिस्क मे खिरर खिरर खिरर की आवाज आ रही तो हार्डडिस्क खराब है।

 

 

Symptoms 2-: System suddenly fully hang. Harddisk does not format, not install window

 

Solution-: a) Format harddisk using low level format (LLF) fully

हार्डडिस्क को लो लेवल फॉर्मैट के द्वारा फॉर्मैट करे। इस प्रोसेस को करने मे टाइम लगता है।

b) Format harddisk using DM software

सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने के लिए आपको दूसरे पीसी की जरूरत पड़ेगी, जिसमे सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करेंगे फिर हार्डडिस्क को इन्सर्ट करेंगे। तब जाकर काही आपका हार्डडिस्क फॉर्मैट होगा

c) Not format hard disk by software then use Cammand method

d) Format harddisk by diskpart by Command

कमांड के द्वारा भी हार्डडिस्क को फॉर्मैट कर सकते है। इस method से कोई भी हार्डडिस्क कैसा भी हो फॉर्मैट हो जाता है।

यदि फिर भी फॉर्मैट नहीं हो रहा है तो तो हार्डडिस्क को बदलना पड़ेगा।

Symptoms 3-: Come some sound from hard disk and computer hang after connect

यदि हार्डडिस्क मे से आवाज आती है और पीसी मे कनेक्ट करते ही हैंग होने लगता है।

Solution-: Its is physically problem, hard disk is faulty.

 हार्डडिस्क ही खराब है।

 

 

Mother Board Issue Problem

Symptons 1:- Computer is total dead (Computer don’t start)

Solution-: 1) कभी -2 क्या होता है अगर clear cmos jumper को bios setting clear करने के लिए लगाते है । लगाने के बाद  jumper को नहीं हटाते है तो भी system on नहीं होगा।

 

2) First open system, Check front pannel jumper. It should be proper connect to mother board and also check on/off switch.

सबसे पहले सिस्टम को खोले और FPJ (Front Pannel Jumper) को चेक करे। यदि FPJ (Front Pannel Jumper) मदरबोर्ड मे सही से लगा है तो फिर ऑन/ऑफ बटन को चेक कर।

3) Then Check SMPS by shorting green wire with black wire fan move means ok otherwise fault.

यदि FPJ (Front Pannel Jumper) को चेक करने के बाद भी नहीं हो रहा है तो SPMS के हरे और काले तार को शॉर्ट (किसी metal से दोनों वायर को शॉर्ट करने से ) करते है। अगर पंखा चलने लगता है तो ठीक है नहीं तो कोई SMPS खराब है।

 

4) If SMPS ok then Clear the Cmos/bios by removing Cmos battery and cmos- clear jumper.

यदि smps सही हो तो फिर Cmos बैटरी को निकाल दे और cmos clear जम्पर को निकाल दे।  

 

5) Remove all device from mother board and clean by IP/ white petrol.

सभी डिवाइस को मदरबोर्ड से निकाल दे और मदरबोर्ड को आईपी से अच्छी से साफ कर दे।

 

6) After that same problem means require a repair / replace mother board.

यदि यही समस्या आ रही है तो फिर मदरबोर्ड मे समस्या है , उसे repair करे।

 

Symptons 2:- Computer start but no Display

 

Solution 1) – First remove RAM from slot , Clean ram pins by eraser and clean slot , Than insert and check.

सबसे पहले रैम को निकाले और रैम के सभी पिन को रबड़ से रगड़कर साफ करे और फिर लगाकर चेक करे।

2) Same problem , Then insert new ram if display come , Replace ram.

यदि रैम को साफ करके लगाने के बाद भी डिस्प्ले नहीं आ रहा है तो नया रैम लगा।

 

3) Reconnect 4 ATX power connector.

नया रैम लगाने पर डिस्प्ले नहीं आता है तो 4 ATX पावर कनेक्टर को फिर से निकालकर लगाए।

 

4)Clear the Cmos/Bios by removing cmos battery and cmos-clear jumper

4 पिन ATX पावर कनेक्टर को फिर से निकालकर लगाने पर भी डिस्प्ले नहीं आ रहा है तो फिर Cmos बैटरी को निकाल दे और cmos clear जम्पर को निकाल दे।  

 

5)Remove – Processor, Clear the microprocessor socket and processor and insert.

प्रोसेसर को निकाल से और प्रोसेसर को और प्रोसेसर के साकिट को सावधानी पूर्वक साफ करे और लगा दे।

 

6)Remove all device from mother board and clean by IP/white petrol.

मदरबोर्ड से कनेक्ट सभी डिवाइस और तार को निकाल दे और मदरबोर्ड को आईपी से साफ करे और फिर मदरबोर्ड को लगाकर डिवाइस कनेक्ट कर दे।

 

7)After that same problem means require a repair /replace mother board.

यदि फिर भी वही समस्या आती है तो मदरबोर्ड को रिपेयर करने की जरूरत है।

 

Symptons3:- Computer start slow, hanging, restart again and again and slow working.

कंप्युटर धीमी गति से चालू हो रहा है, हैंग , बार बार रिस्टार्ट हो रहा हो और स्लो चल रहा हो। 

 

Solution 1:- अगर सिस्टम धीमा, हैंग, बार बार रिस्टार्ट  हो रहा है तो सबसे पहले हमे सर्विस करने की जरूरत है जैसे की कूलिंग पेस्ट (cooling paste) लगाना आदि। अगर फिर भी सही नहीं हुआ तो हम विंडो डालकर देखेंगे अगर उसके बाद भी सही नहीं हुआ तो रैम को साफ करेंगे। अगर उसके बाद भी नही हुआ तो मदरबोर्ड पर दिए गए ic को छुकर देखेंगे की कोई ic गर्म तो नही हो रही है, अगर गरम कर रही है तो समझ जाईए आईसी शॉर्ट है, फिर तो आपको आईसी को बदलना पड़ेगा । आईसी को बदलने से पहले एक बार आईपी से उस जगह को अच्छी तरह से साफ कर दे। फिर चेक करे। उसके बाद भी नहीं होता है तो आईसी को बदले।

 

 

Bios का काम ( Work  of Bios )

हमारे कंप्युटर से कनेक्ट हार्डवेयर,सॉफ्टवेयर की जानकारी देता है, जैसे की, कीबोर्ड हार्डडिस्क सिमोस बैटरी, रैम सही है की नहीं ।

अगर हार्डडिस्क, सिमोस, रैम, बैटरी, खराब रहती है तो सिस्टम को ऑन करते ही डिस्प्ले पर एरर का मैसेज आ जाएगा की यह चीज खराब है।   



SMPS (switch Mode Power Supply) Diagram, Part No1 = Switching Section और Startup Section

 

SMPS Diagrams

SMPS (Switch Mode Power Supply) Function –  

SMPS कंप्युटर मे लगे सारे Device को पावर देने का काम करता है , जैसे मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क, डीवीडी राइटर इत्यादि ।

 

SMPS तीन  मोड पर काम करता है।

1-    सबसे पहले इनपुट से 230 वॉल्ट AC जाएगी और डीसी बनेगी

2-    फिर डीसी से ac होगी

3-    फिर ac से डीसी बनकर SMPS से आउट्पुट होगा ।

 

SMPS को तीन बार स्विच कराया जाता है । जिससे आउट्पुट वोल्टेज प्रॉपर आए , मतलब better regulation  (fix  वोल्टेज करके देना )

 

Main Section Inside the SMPS 

1)    Main Filter and Rectifier Section

2)    Start -up Section

3)    Switching Section / Push pull Section

4)    Control + Driver section

5)    PG (Power Good) Section

6)    Output Section

 

Figure

 

 

 

 

 

पहचान इस सेक्शन मे फ्यूज़ RF (Radio Frequency) coil, B/R (Bridge Rectifier), NTC(Th), MFC (main filter capacitor )पाए जाते है।

 

Work ( काम )- यह 230 वॉल्ट ac को 300 वॉल्ट dc मे कन्वर्ट करके switching section और startup section को देने का काम करता है।

 

Fault ( कमी ) यदि 300 वॉल्ट dc main filter capacitor पर आ रही है तो यह सेक्शन सही है । यदि 300 वॉल्ट dc  नहीं आ रही है तो main filter एण्ड rectifier section मे कुछ खराबी है ।

 

Problem /Solution

Problem 1- Main filter Capacitor पर वोल्टेज नहीं आ रही है।

Solution – इस कन्डिशन मे फ्यूज़ , रेडियो frequency coil और thermister को चेक करे।

 

Problem 2- MFC (main filter capacitor) पर कम वोल्टेज (150 वोल्ट से कम ) आ रही है।

Solution – इस कन्डिशन मे ब्रिज rectifier और main filter capacitor को चेक करना है।

 

Problem 3- Fuse बार बार खराब हो रहा है।

Solution – इस कन्डिशन मे ब्रिज rectifier और MFC (Main Filter Capacitor) को चेक करना है, हो सकता है short हो । इसके अलावा switching transistor भी चेक कर ले हो सकता है शॉर्ट है।

 

Note यदि फ्यूज़ की जगह पर बल्ब (60 या 100 w) लगाकर चेक करे तो-

a) बल्ब जलकर बंद हो जा रहा है इसका मतलब है की main फ़िल्टर सेक्शन तक सही है।

b) बल्ब लगातार जल रहा है तो shorting है । ब्रिज rectifier और main filter capacitor चेक करे।

c) बल्ब बिल्कुल नहीं जल तो फ्यूज़, transistor , RF  component चेक करे।

Tuesday, November 11, 2025

सुनवाई से ठीक एक रात पहले

तलाक की सुनवाई से ठीक एक रात पहले, मैंने अपने पति को बिस्तर पर बुलाया , उसे वो चीज़ दिखाई जिससे उसका चेहरा सफ़ेद पड़ गया। सिर्फ़ 30 मिनट बाद वह मेरे सामने घुटनों पर गिरकर वापस आने की भीख माँग रहा था लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।



मेरा नाम अनन्या मेहता है और यह कहानी है मेरे छह साल के विवाह,मेरे टूटने, मेरे उठ खड़े होने और मेरे “स्वतंत्र” हो चुके पति अर्जुन की सबसे बड़ी हार की।

मेरी और अर्जुन कपूर की शादी कभी सबकी ईर्ष्या थी।वह दिल्ली का एक प्रतिभाशाली आर्किटेक्ट था और मैं इंटीरियर डिज़ाइनिंग की दीवानी।हमारा प्यार कॉलेज के दिनों में शुरू हुआ था।अर्जुन मेरी उँगली पकड़कर कनॉट प्लेस की सड़कों पर घूमता और ऊँची इमारतों की तरफ इशारा करके कहता—

"एक दिन मैं अपना घर खुद डिज़ाइन करूँगा और उसमें जान तुम डालोगी" और उसने ऐसा किया भी।

हमें दक्षिण दिल्ली में एक छोटा पर खूबसूरत घर मिला।वह अक्सर कहता-“तुम बस मुस्कुराती रहना बाकी दुनिया मुझ पर छोड़ दो।” मैंने उस पर यकीन किया।अपना सपना "खुद का ब्रांड खोलने का" दराज़ में बंद कर दिया। सोचा,परिवार सबसे पहले लेकिन समय,वही सबसे बड़ा सच दिखाता है।

अर्जुन बदलने लगा,धीरे,ख़तरनाक तरीके से।रातें देर तक बाहर रहना,अजीब बहाने,ठंडी बातें और एक दिन… उसकी शर्ट पर एक ऐसी खुशबू मिली जो न मेरी थी और ना उसके दफ़्तर वाली किसी महिला की। उसका फोन हमेशा उल्टा रखा होता।



कोई मैसेज आए तो वह बालकनी में जाकर फुसफुसाते हुए बात करता।

एक रात उसका फोन मेज़ पर बजा।मैंने देखने की कोशिश भी नहीं की लेकिन स्क्रीन पर चमका नाम:-“रूही रेडलिप्स” और नीचे सिर्फ़ दो शब्द:-“मिस यू।”

जब मैंने उससे पूछा तो अर्जुन हँस पड़ा।एक ऐसी हँसी जो किसी भी स्त्री का दिल तोड़ देती है। तुम हमेशा ओवरथिंक करती हो। बस एक को-ऑर्डिनेटर है। ऑफिस में मज़ाक में निकनेम रखे हुए हैं।” 

मैंने चाहा कि मैं उस पर भरोसा करूँ लेकिन विश्वास भी टूटता है,एक बार, बस एक बार। वह मुझे “पुरानी”, “बोरिंग”, “गृहिणी वाली” कहने लगा।कहता-“ज़रा आधुनिक बनो, तुम बिल्कुल गाँव की औरत लगती हो।”

मैंने आईने में देखा।थकी हुई आँखें,बिखरे बाल,सादी साड़ी🥱हाँ, मैं बदल गई थी लेकिन उसके लिए, उसके घर,उसके सुख के लिए और फिर एक शाम,जब मैंने उसकी पसंदीदा राजस्थानी दाल बाटी बनाकर मेज़ पर रखी तो अर्जुन ने चम्मच नीचे रख दिया और ठंडी आवाज़ में बोला:- “मैं तलाक चाहता हूँ।”

मेरे हाथ काँप गए लेकिन मैंने आँसू नहीं बहाए🥱

उसने झुँझलाकर कहा:-“हम अब एक दूसरे के लिए नहीं बने हैं। मुझे आज़ादी चाहिए,वही आज़ादी जिसके लिए वह “रूही” के पास जाना चाहता था।

वह घर छोड़कर चला गया और उसी रात मैंने निर्णय कर लिया मैं रोकर अपने चेहरे पर दया नहीं पेंट करूँगी,मैं अपना साम्राज्य खड़ा करूँगी।

अर्जुन सोचता रहा कि मैं टूटी हुई,उदास,घर में सिमटी औरत हूं😎उसे क्या पता था—जब वह “क्लाइंट मीटिंग” के नाम पर डेट्स पर जा रहा था,मैं दिल्ली के सबसे बड़े फर्नीचर हब, किरीड़ी नगर,में सप्लायर्स से मिल रही थी। जब वह देर रात “ओवरटाइम” कर रहा था,मैं ऑनलाइन एमबीए का कोर्स कर रही थी। जब वह मुझे कहता कि मैं “कुछ नहीं कर सकती”—

मैं करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर रही थी💪

छह महीने तक मैंने दिन रात खून पसीना लगाया और खड़ा किया—A.M. Interiors — Ananya Mehta Interiors Pvt Ltd.(मेरे नाम का पहला अक्षर,मेरी पहचान)

मैंने अपना ऑफिस लिया, टीम बनाई, प्रोजेक्ट्स जीते,यहाँ तक कि एक इंटरनेशनल होम-डेकोर ब्रांड से भी कॉन्ट्रैक्ट कर लिया।

और अर्जुन?

उसे लगा कि मैं अभी भी वही “सिंपल गृहिणी” हूं,तलाक से एक रात पहले,घर बिल्कुल ख़ामोश था। मैं नीचे आई और कहा:-अर्जुन,ऊपर चलो,मुझे कुछ दिखाना है।

वह थका हुआ और चिढ़ा हुआ बोला:-ड्रामा मत करो,अनन्या, सुबह कोर्ट जाना है लेकिन फिर भी मेरे पीछे आ गया।

मैंने लाइट धीमी की,लैपटॉप को टीवी स्क्रीन से जोड़ा और प्ले किया…

एक शानदार, प्रोफेशनल विज्ञापन।

लक्ज़री फ़्लैट्स,खूबसूरत इंटीरियर,परफेक्ट लाइटिंग,उत्तम प्लानिंग…

अर्जुन धीरे धीरे स्क्रीन के पास झुक गया। फिर उसके चेहरे पर हैरानी फैलने लगी🥱

विज्ञापन खत्म हुआ और उसके बाद स्क्रीन पर आया—A.M. Interiors – Designed by Ananya Mehta (Founder & CEO)और फिर मेरे ही फुटेज:

मैं टीम को निर्देश दे रही थी,मीटिंग्स ले रही थी,ब्लूप्रिंट्स approve कर रही थी।एक आत्मविश्वासी,स्टाइलिश,सफल महिला।

अर्जुन के मुँह से आवाज़ ही नहीं निकली🥱

आखिर उसने काँपते स्वर में पूछा:-“ये… सब तुम्हारा है?”

मैंने शांत हँसी के साथ कहा:- हाँ,अर्जुन,छह महीने तुम्हारी ‘आज़ादी’ के छह महीने…मैंने अपनी दुनिया बना ली।” और फिर आख़िरी वार—

रूही जिस कंपनी में इंटरव्यू दे रही है?

वही कंपनी है जिसे मैंने अभी अभी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हराकर हरा दिया।”

अर्जुन के चेहरे से रंग उड़ गया🥱वह मुझे घूरता रहा, जैसे मुझे पहली बार देख रहा हो।

फिर…

वह मेरे सामने घुटनों पर बैठ गया,बोला:-अनन्या,मैं गलत था।

कृपया हमें एक मौका दो। मैं तुम्हें खो नहीं सकता,मैंने उसका चेहरा देखा। पहली बार वह सच में टूटा हुआ दिख रहा था लेकिन मेरा दिल शांत था, बिना किसी आँसू के।

मैंने उसके हाथ हटाए और धीरे से कहा:-अर्जुन,तुमने आज़ादी माँगी थी,अब… उसे जिओ।

अगली सुबह,मैंने ताज होटल के सामने स्थित दिल्ली फ़ैमिली कोर्ट से एक मुस्कान के साथ बाहर कदम रखा। काग़ज़ों पर सिर्फ़ एक हस्ताक्षर था लेकिन मेरे भीतर एक पूरी दुनिया खुल चुकी थी।

पीछे,अर्जुन खड़ा था,आँखों में पछतावा,हाथों में खालीपन। मैंने एक बार भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

नया सूरज,नई हवा,नई अनन्या।

मैं अब सिर्फ़ उसकी “गृहिणी” नहीं थी।मैं थी—CEO. Founder.और सबसे बड़ी बात,आज़ाद💪

कभी कभी,स्त्रियाँ बदला नहीं लेतीं।वे बस और बेहतर बन जाती हैं और वही—सबसे कीमती जवाब होता है

उस समय इतनी समझ भी नही थी

 गाँव में कॉलेज नही था इस कारण पढ़ने के लिए मै शहर आया था । यह किसी रिश्तेदार का एक कमरे का मकान था।



बिना किराए का था।


आस-पास सब गरीब लोगो के घर थे।


और में अकेला था सब काम मुजे खुद ही करने पड़ते थे। खाना-बनाना, कपड़े धोना, घर की साफ़-सफाई करना।


कुछ दिन बाद एक गरीब लडकी अपने छोटे भाई के साथ मेरे घर पर आई।



आते ही सवाल किया:-" तुम मेरे भाई को ट्यूशन करा सकते हो क्या ?"


मेंने कुछ देर सोचा फीर कहा "नही"


उसने कहा "क्यूँ?


मेने कहा "टाइम नही है। मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब होगी।"


उसने कहा "बदले में मैं तुम्हारा खाना बना दूँगी।"


शायद उसे पता था की में खाना खुद पकाता हुँ


मैंने कोई जवाब नही दिया तो वह और लालच दे कर बोली:-बर्तन भी साफ़ कर दूंगी।"


अब मुझे भी लालच आ ही गया: मेने कहा-"कपड़े भी धो दो तो पढ़ा दूँगा।"


वो मान गई।


इस तरह से उसका रोज घर में आना-जाना होने लगा।


वो काम करती रहती और मैं उसके भाई को पढ़ा रहा होता। ज्यादा बात नही होती। उसका भाई 8वीं कक्षा में था। खूब होशियार था। इस कारण ज्यादा माथा-पच्ची नही करनी पड़ती थी। कभी-कभी वह घर की सफाई भी कर दिया करती थी।


दिन गुजरने लगे। एक रोज शाम को वो मेरे घर आई तो उसके हाथ में एक बड़ी सी कुल्फी थी।


मुझे दी तो मैंने पूछ लिया:-" कहाँ से लाई हो'?


उसने कहा "घर से।


आज बरसात हो गई तो कुल्फियां नही बिकी।"


इतना कह कर वह उदास हो गई।


मैंने फिर कहा:-" मग़र तुम्हारे पापा तो समोसे-कचोरी का ठेला लगाते हैं?


उसने कहा- वो:-" सर्दियों में समोसे-कचोरी और गर्मियों में कुल्फी।"


और:- आज"बरसात हो गई तो कुल्फी नही बिकी मतलब " ठण्ड के कारण लोग कुल्फी नही खाते।"


"ओह" मैंने गहरी साँस छोड़ी।


मैंने आज उसे गौर से देखा था। गम्भीर मुद्रा में वो उम्र से बडी लगी। समझदार भी, मासूम भी।


धीरे-धीरे वक़्त गुजरने लगा।


मैं कभी-कभार उसके घर भी जाने लगा। विशेषतौर पर किसी त्यौहार या उत्सव पर। कई बार उससे नजरें मिलती तो मिली ही रह जाती। पता नही क्यूँ?


एसे ही समय बीतता गया इस बीस


कुछ बातें मैंने उसकी भी जानली। की वो ; बूंदी बाँधने का काम करती है। बूंदी मतलब किसी ओढ़नी या चुनरी पर धागे से गोल-गोल बिंदु बनाना। बिंदु बनाने के बाद चुनरी की रंगाई करने पर डिजाइन तैयार हो जाती है।


मैंने बूंदी बाँधने का काम करते उसे बहुत बार देखा था।


एक दिन मेंने उसे पूछ लिया:-" ये काम तुम क्यूँ करती हो?"


वह बोली:-"पैसे मिलते हैं।"


"क्या करोगी पैसों का?"


"इकठ्ठे करती हूँ।"


"कितने हो गए?"


"यही कोई छः-सात हजार।"


"मुझे हजार रुपये उधार चाहिए।


जल्दी लौटा दूंगा।" मैंने मांग लिए।


उसने सवाल किया:-"किस लिए चाहिए?"


"कारण पूछोगी तो रहने दो।" मैंने मायूसी के साथ कहा।


वो बोली अरे मेंने तो "ऐसे ही पूछ लिया। तू माँगे तो सारे दे दूँ।" उसकी ये आवाज़ अलग सी जान पड़ी। मग़र मैं उस वक़्त कुछ समझ नही पाया। पैसे मिल रहे थे उन्ही में खोकर रह गया। एक दोस्त से उदार लिए थे । कमबख्त दो -तीन बार माँग चूका था।


एक रोज मेरी जेब में गुलाब की टूटी पंखुड़ियाँ निकली। मग़र तब भी मैं यही सोच कर रह गया कि कॉलेज के किसी दोस्त ने चुपके से डाल दी होगी।


उस समय इतनी समझ भी नही थी।


एक दिन कॉलेज की मेरी एक दोस्त मेरे घर आई कुछ नोट्स लेने। मैंने दे दिए।


और वो मेरे घर के बाहर खडी थी और मेरी दोस्त को देखकर बाहर से ही तुरंत वापिस घर चली गई।


और फ़िर दूसरे दिन दो पहर में ही आ धमकी।


आते ही कहा:-" मैं कल से तुम्हारा कोई काम नही करूंगी।"


मैने कहा "क्यूँ?


काफी देर तो उसने जवाब नही दिया। फिर धोने के लिए मेरे बिखरे कपड़े समेटने लगी।


मैने कहा "कहीं जा रही हो?"


उसने कहा "नही। बस काम नही करूंगी।


और मेरे भाई को भी मत पढ़ाना कल से।"


मैने कहा अरे"तुम्हारे हजार रूपये कल दे दूंगा। कल घर से पैसे आ रहे हैं।" मुझे पैसे को लेकर शंका हुई थी।इस कारण पक्का आश्वासन दे दिया।


उसने कहो "पैसे नही चाहिए मुझे।"


मेने कहा "तो फिर ?"


मैने आँखे उसके चेहरे पर रखी और


उसने एक बार मुझसे नज़र मिलाई तो लगा हजारों प्रश्न है उसकी आँखों में। मग़र मेरी समझ से बाहर थे।


उसने कोई जवाब नही दिया।


मेरे कपड़े लेकर चली गई।


अपने घर से ही धोकर लाया करती थी।


दूसरे दिन वह नही आई।


न उसका भाई आया।


मैंने जैसे-तैसे खाना बनाया। फिर खाकर कॉलेज चला गया। दोपहर को आया तो सीधा उसके घर चला गया। यह सोचकर की कारण तो जानू काम नही करने का।


उसके घर पहुंचा तो पता चला की वो बीमार है।


एक छप्पर में चारपाई पर लेटी थी अकेली। घर में उसकी मम्मी थी जो काम में लगी थी।


मैं उसके पास पहुंचा तो उसने मुँह फेर लिया करवट लेकर।


मैंने पूछा:-" दवाई ली क्या?"


"नही।" छोटा सा जवाब दिया बिना मेरी तरफ देखे।


मैने कहा "क्यों नही ली?


उसने कहा "मेरी मर्ज़ी। तुझे क्या?


"मुझसे नाराज़ क्यूँ हो ये तो बतादो।"


"तुम सब समझते जवाब दिया बिना मेरी तरफ देखे।


मैने कहा "क्यों नही ली?


उसने कहा "मेरी मर्ज़ी। तुझे क्या?


"मुझसे नाराज़ क्यूँ हो ये तो बतादो।"


"तुम सब समझते हो, फिर मैं क्यूँ बताऊँ।"


"कुछ नही पता। तुम्हारी कसम। सुबह से परेसान हूँ। बता दो।"


" नही बताउंगी। जाओ यहाँ से।" इस बार आवाज़ रोने की थी।


मुझे जरा घबराहट सी हुई। डरते-डरते उसके हाथ को छूकर देखा तो मैं उछल कर रह गया। बहुत गर्म था।


मैंने उसकी मम्मी को पास बुलाकर बताया।


फिर हम दोनों उसे हॉस्पिटल ले गए।


डॉक्टर ने दवा दी और एडमिट कर लिया।


कुछ जाँच वगेरह होनी थी।


क्यूंकि शहर में एक दो डेंगू के मामले आ चुके थे।


मुझे अब चिंता सी होने लगी थी।


उसकी माँ घर चली गई। उसके पापा को बुलाने।


मैं उसके पास अकेला था।


बुखार जरा कम हो गया था। वह गुमसुम सी लेटी थी। दीवार को घुर रही थी एकटक!!


मैंने उसके चैहरे को सहलाया तो उसकी आँखों में आँसू आ गए और मेरे भी।


मैंने भरे गले से पूछा:- "बताओगी नही?"


उसने आँखों में आँसू लिए मुस्कराकर कहा:-" अब बताने की जरूरत नही है। पता चल गया है कि तुझे मेरी परवाह है। है ना?"


मेरे होठों से अपने आप ही एक अल्फ़ाज़ निकला:-


" बहुत।"


उसने कहा "बस! अब में मर भी जाऊँ तो कोई गिला नही।" उसने मेरे हाथ को कस कर दबाते हुए कहा।


उसके इस वाक्य का कोई जवाब मेरे लबों से नही निकला। मग़र आँखे थी जो जवाब को संभाल न सकी। बरस पड़ी।


वह उठ कर बैठ गई और बोली रोता क्यूँ है पागल? मैने जिस दिन पहली बार तेरे लिए रोटी बनाई थी उसी दिन से चाहती हूँ तुझे। एक तू था पागल । कुछ समझने में इतना वक़्त ले गया।"


फिर उसने अपने साथ मेरे आँसू भी पोछे।


फीर थोडी देर बाद उसके घर वाले आ गए।


रात हो गई थी। उसकी हालत में कोई सुधार नही हुआ।


फिर देर रात तक उसकी बीमारी की रिपोर्ट आ गई।


बताया गया की उसे डेंगू है।


और ए जान कर आग सी लग गई मेरे सीने में।


खून की कमी हो गई थी उसे। पर खुदा का शुक्र है की मेरा खून मैच हो गया ब


था उसका भी। दो बोतल खून दिया मैंने तो जरा शकून सा मिला दिल को।


उस रात वह अचेत सी रही।


बार-बार अचेत अवस्था में उल्टियाँ कर देती थी।


मैं एक मिनिट भी नही सोया उस रात।


डॉक्टरों ने दूसरे दिन बताया कि रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो रही है। खून और देना होगा। डेंगू का वायरस खून का थक्का बनाने वाली प्लेटलेट्स पर हमला करता हैं । अगर प्लेटलेट्स खत्म तो पुरे शरीर के अंदरुनी अंगों से ख़ून का रिसाव शुरू हो जाता है। फिर बचने का कोई चांस नही।


मैंने अपना और खून देने का आग्रह किया मग़र रात को दिया था इस कारण डोक्टर ने मना कर दिया ।


फीर मैंने मेरे कॉलेज के दो चार दोस्तों को बुलाया। दस एक साथ आ गए। खून दिया। हिम्मत बंधाई। पैसों की जरूरत हो तो देने का आश्वासन दिया और चले गए। उस वक़्त पता चला दोस्त होना भी कितना जरूरी है। पैसों की कमी नही थी। घर से आ गए थे।


दूसरे दिन की रात को वो कुछ ठीक दिखी। बातें भी करने लगी।


रात को सब सोए थे। मैं उसके पास बैठा जाग रहा था।


उसने मुझे कहा:- " पागल बीमार मैं हूँ तू नही। फिर ऐसी हालत क्यों बनाली है तुमने?"


मैंने कहा:-" तू ठीक हो जा। मैं तो नहाते ही ठीक हो जाऊंगा।"


उसने उदास होकर पूछा ।:-" एक बात बता?"


मैने कहा"क्यां?"


उसने कहा "मैंने एक दिन तुम्हारी जेब में गुलाब डाला था तुझे मिला?


मैने कहा "सिर्फ पंखुड़ियाँ मिली थी "हाँ"


उसने कहा "कुछ समझे थे?"


"नही।"


"क्यूँ?"


"सोचा था कॉलेज के किसी दोस्त की मज़ाक है।"


"और वो रोटियाँ?"


"कौनसी?"


"दिल के आकार वाली।"


"अब समझ में आ रहा है।"


"बुद्दू हो"


"हाँ"


फिर वह हँसी। काफी देर तक। निश्छल मासूम हंसी।


"कल सोए थे क्या?"


"नही।"


"अब सो जाओ। मैं ठीक हूँ मुझे कुछ न होगा।"


सचमुच नींद आ रही थीं।


मग़र मैं सोया नही।


मग़र वह सो गई।


फिर घंटेभर बाद वापस जाग गई।


मैं ऊंघ रहा था।


"सुनो।"


"हाँ।मैं नींद में ही बोला।


"ये बताओ ये बीमारी छूने से किसी को लग सकती है क्या?"


"नही, सिर्फ एडीज मच्छर के काटने से लगती है।"


"इधर आओ।"


मैं उसके करीब आ गया।


"एक बार गले लग जाओ। अगर मर गई तो ये आरज़ू बाकी न रह जाए।"


"ऐसा ना कहो प्लीज।" मैं इतना ही कह पाया।


फिर वो मुझसे काफी देर तक लिपटी रही और सो गई।


फिर उसे ढंग से लिटाकर मैं भी एक खाली बेड पर सो गया।


मग़र सुबह मैं तो उठ गया। और वो नही उठी। सदा के लिए सो गई। मैंने उसे जगाने की बहुत कोशिश की थी।पर आँखे न खोली उसने।वो इस सँसार को मुझे छोडकर इस दुनिया से जा चुकी थी। मुझे रोता बिलखता छोड़कर।


क्यों लगाए जाते हैं फलों पर स्टिकर?



फल खरीदते समय अक्सर आपने देखा होआ कि उस पर छोटे छोटे कोड वाले स्टिकर चिपके होते हैं। बता दें, फलों पर लगाए जाने वाले ये छोटे स्टिकर केवल ब्रांडिंग या सजावट के लिए नहीं होते है। इन स्टिकरों पर एक विशेष कोड अंकित होता है, जिसे पीएलयू कोड (PLU Code) कहा जाता है। ये कोड ग्राहक को फल को उगाए जाने के तरीके के बारे में बताते हैं, जिसका सीधा संबंध आपकी सेहत से है। इन कोड से आप फलों की गुणवत्ता कैसी है इसकी पहचान कर सकते हैं। बेहतरीन गुणवत्ता वाले फलों का सेवन करने से सेहत भी अच्छी होती है। तो चलिए जानते हैं क्या है फलों पर लगे कोड का मतलब?


क्यों लगाए जाते हैं फलों पर स्टिकर?

फलों पर स्टिकर (fruit barcode number) लगाने के पीछे एक खास मकसद होता है। दरअसल, ये स्टिकर यह बताने के लिए लगाया जाता है कि फल कहां उगाया गया है, इसे उगाने के लिए कौन-सा तरीका अपनाया गया है। साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि फल की क्वालिटी क्या है और इसकी कीमत क्या है। ये स्टिकर पीएलयू कोड (Price look-up code) होते हैं, जो फलों की गुणवत्ता बताते हैं। इन पर एक खास नंबर लिखा होता है, जिनके अलग-अलग मतलब होते हैं। 

स्टिकर पर लिखे नंबर का क्या मतलब है? 

ये तो हुई स्टिकर की बात, अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन स्टिकर पर लिखे नंबरों का मतलब क्या होता है। जैसाकि ऊपर बताया स्टिकर पर लिखे नंबरों का अलग-अलग मतलब होता। आइए जानते हैं इन अलग-अलग नंबरों के स्टिकर का मतलब-



  • 5 अंकों 9 से शुरू: अगर फलों पर लगे स्टिकर पर 5 अंकों की संख्या है और यह '9' से शुरू हो रही है, तो इसका मतलब है कि यह फल पूरी तरह से ऑर्गैनिक है। इसे बिना किसी रासायनिक कीटनाशक, उर्वरक या आनुवांशिक बदलाव के प्राकृतिक तरीके से उगाया गया है।

  • 4 अंक: अगर, स्टिकर पर केवल 4 अंकों की संख्या है, तो इसका मतलब है कि फल में कीटनाशक और रसायनों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे फल अक्सर सस्ते होते हैं, लेकिन रसायनों से पकाए जाने की वजह से सेहत के लिए कम फायदेमंद होते हैं। 

फल खरीदते समय बरतें ये सावधानी: 

अब, जबकि आपको फलों पर लगे इस कोड की जानकारी हो गई है तो आप उसे खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें। जहां तक हो 5सके  अंकों की '9' से शुरू होने वाले ऑर्गेनिक फलों को ही खरीदें। खरीदे हुए फल चाहे ऑर्गेनिक हो या रासयनिक, खाने से पहले उसे अच्छी तरह से धोना बेहद ज़रूरी है ताकि उसकी सतह पर मौजूद बैक्टीरिया को हटाया जा सके। साथ ही मौसमी फलों को ही खरीदने का प्रयास करें क्योंकि वे ताज़े होते हैं।


ऐसे स्टिकर वाले फल होते हैं फायदेमंद

अब सवाल यह उठता है कि क्या कोई ऐसा स्टिकर भी है, जो यह बताता हो कि फल पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से उगाया गया है और सेहत के लिए बेस्ट है। दरअसल, एक स्टिकर ऐसा भी होता है। जिन स्टिकर पर 5 डिजिट वाले नंंबर होते हैं, जिनकी शुरुआत 9 से हो रही हो, जैसे कि 93435 या 95365, तो इसका मतलब है कि इन फलों को बिना केमिकल और कीटनाशक के ऑर्गेनिकली उगाया गया है। 

Laptop Repair Part 11, Laptop Problem & Solution

 

Laptop Problem & Solution



(1) Laptop Total Dead – No light Glow charging and Laptop Power Light

Solution- In this condition check voltage at battery charger connector. It charging voltage is available but laptop does not ON. Its means ON/Off switch, Super IO, ICH problem

 

(2) Laptop Work Only Adapter –

Solution - In this condition check battery, its may be week (faulty). And confirm battery connect new. If battery ok thenbattery circuit’ problem and check battery charging voltage at battery contact.

If voltage not present it means battery charging circuit problem. Check battery Fuse, MOSFET and charging IC.

If voltage present it means battery problem then replace the battery and repair it.

 

(3) Laptop Work ON only Battery –

Solution - In this condition check volt in circuit, main fuse charging jack, MOSFET and PWM IC.

 

 

(4) Laptop Work ON only Battery –

Solution – In this condition RAM, Graphic Card (Chip), North bridge, VRM circuit and also Bios

Step 1 – Check RAM supply voltage on RAM slot and RAM NPC capacitor. If No voltage present check RAM section, MOSFET and PWM IC.

Step 2 – If RAM section ok then check graphic chip voltage and NPC capacitor near graphic chip.

Step 3 – If graphic ok but graphic chip heat more, Its means graphic chip problem. Then reball and replace IC

Step 4 – If graphic IC and RAM supply ok then check GMCH supply on north Bridge in NPC capacitor. It No voltage present then check chip set section.

Step 5 – this problem is come to VRM section. Processor heat then VRM section is OK. It problem then check VRM circuit voltage and MOSFET, Coil, capacitor.

Step 6 – If above section is Ok but same condition than check ROM Bios supply voltage 3.3v. If supply ok then flash or reprogram.

 

(5) Laptop Indicate Battery Charging and Adaptor light also indicate but after press ON/OFF button laptop not ON.

Solution – In this condition check ON/OFF switch voltage. It should be MOSFET less than 3.3v but laptop does not ON. Check switch it may be faulty. If no voltage present than check super IO supply and also ICH chip supply and helping component. If above is ok but same condition then reprogramming Bios.

 

(6) As soon as laptop ON and all LED glow and just OFF laptop also OFF

Solution – In this condition check primary MOSFET of voltage in circuit VRM circuit, RAM Circuit and Chipset and Stand by voltage.

 

(7) Laptop ON and Hard Disk Light Does not blink

Solution -   In this condition first fault confirm the display present or not. Check hard disk supply and also hard disk data track to ICH. It may be also hard disk faulty.

If no display present – In this condition check VRM section, RAM section, Graphic chip, GMCH and also BIOS.

 

(8) Laptop On but After Some Time –

Solution – This condition mostly overheating and thermal problem.

First clean the heatsink and place new cooling paste. After it some condition than check GMCH, ICH and any one IC by putting the finger. If anyone chip or IC more heat than check near component and IC.

 

(9) Laptop ON but company logo hang, Not any respond –

Solution – In this condition to replace and Flash the BIOS

 

(10)                                                                                          

Laptop does not going to Bios when press Bios key –

Solution – In this condition to replace and flash Bios

 

(11)                                                                                          

In Bios setup hanging the laptop some time work and sometime not work –

Solution – First of all remove the CMOS battery and check condition problem some than flash the Bios.

 

(12)                                                                                          

Laptop BIOS does not save any setting while CMOS battery is Ok –

Solution – First of all remove the CMOS battery than again insert but same condition than Bios software (Flashing) problem.

 

(13)                                                                                          

Laptop working of battery mode but after connect charger laptop hang (restart Off) –

Solution – First of all check the laptop another charger but same condition than check only voltage in circuit on motherboard. It may be any NPC, MOSFET faulty.

 

(14)                                                                                          

Total Keyboard not working but connect new keyboard same condition problem –

Solution – Check connector and keyboard